बिजाई में सुधार आने के बावजूद दलहनों का रकबा गत वर्ष से पीछे

27-Jul-2026 10:30 AM

नई दिल्ली। खरीफ कालीन दलहन फसलों की बिजाई में साप्ताहिक आधार पर काफी सुधार आया और खासकर उड़द के रकबे में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई लेकिन तुवर, मूंग और मोठ की खेती पिछड़ने से दलहनों का सकल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से काफी पीछे रह गया। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि चालू खरीफ सीजन के दौरान 24 जुलाई 2026 तक दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 84.57 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो पिछले साल की इसी अवधि के बिजाई क्षेत्र 91.47 लाख हेक्टेयर से 6.90 लाख हेक्टेयर कम है। 

समीक्षाधीन अवधि के दौरान अरहर (तुवर) का उत्पादन क्षेत्र 35.27 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 31.17 लाख हेक्टेयर, मूंग का रकबा 28.39 लाख हेक्टेयर से गिरकर 26.89 लाख हेक्टेयर तथा मोठ का क्षेत्रफल 7.68 लाख हेक्टेयर से घटकर 5.08 लाख हेक्टेयर रह गया

लेकिन उड़द का बिजाई क्षेत्र 17.27 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 18.67 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। कुलथी एवं खेसारी सहित अन्य दलहनों की बिजाई 2.59 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई जो गत वर्ष के 2.70 लाख हेक्टेयर से कुछ कम रही।

कुछ राज्यों में दलहनों की बिजाई अभी जारी है। कर्नाटक में तुवर तथा राजस्थान में मूंग का रकबा काफी घटने की सूचना मिल रही है। राजस्थान में मोठ की बिजाई भी कम हुई है।