बेहतर उत्पादन के बावजूद महाराष्ट्र का चीनी उद्योग संकट में
30-Mar-2026 07:18 PM
पुणे। हालांकि पिछले सीजन की तुलना में इस बार महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन काफी बढ़ा है लेकिन इसके बावजूद विभिन्न कारणों से स्थानीय उद्योग काफी दबाव महसूस कर रहा है।
एक तो गन्ना की सीमित आपूर्ति के कारण चीनी मिलों को नियत समय से पहले ही बंद होना पड़ रहा है जिससे मिलों की पूरी क्रशिंग क्षमता का उपयोग नहीं हो सका और दूसरे, चीनी का एक्स फैक्टरी मूल्य भी लागत खर्च से नीचे आ गया है। इससे आर्थिक तंगी बढ़ गई है।
मध्य मार्च तक महाराष्ट्र की अधिकांश चीनी मिलें बंद हो चुकी थीं। आमतौर पर वहां चीनी मिलें 160 दिनों तक सक्रिय रहती हैं लेकिन इस बार यह सक्रियता महज 100 दिनों के आसपास सिमट गई।
पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के कारण खाड़ी क्षेत्र के देशों में चीनी का निर्यात प्रभावित हो रहा है। नवम्बर-दिसम्बर 2025 में हुई बेमौसमी वर्षा से गन्ना की फसल कुछ क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त हो गई थी
जिससे उसकी आपूर्ति घट गई और चीनी मिलों को नियत समय तक क्रशिंग करने का अवसर नहीं मिल सका। इसके बावजूद महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन पिछले सीजन के 79.12 लाख टन से बढ़कर चालू सीजन में 98.84 लाख टन पर पहुंच गया।
