उत्तरी एवं मध्यवर्ती राज्यों में बारिश होने की संभावना
30-Mar-2026 05:16 PM
नई दिल्ली। मार्च का महीना अपेक्षाकृत ठंडा रहा और अब अप्रैल में भी देश के उत्तरी तथा मध्यवर्ती भाग में बारिश का दौर जारी रहने या मौसम नम रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इससे रबी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से अप्रैल में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है।
समीक्षकों के मुताबिक अप्रैल की बारिश या गरज-चमक वाली बौछार गेहूं, जौ, चना, मसूर, मटर एवं सरसों जैसी प्रमुख रबी फसलों के लिए घातक साबित हो सकती है।
बेशक फसलों की पैदावार एवं उपज दर पर इसका ज्यादा असर न पड़े मगर इस बारिश से दाने की क्वालिटी अवश्य प्रभावित हो सकती है।
मौसम विभाग ने पहले कहा था कि 31 मार्च तक आंधी-वर्षा का जोर बरकरार रहेगा। अब एक मौसम विशेषज्ञ ने कहा है कि पश्चिम विक्षोभ की सक्रियता से उत्तरी एवं मध्यवर्ती भारत में बारिश और आंधी का सिलसिला आगामी दिनों में बरकरार रहेगा जिससे फसलों पर असर पड़ सकता है।
