10 महीनों में दलहन का आयात 35 प्रतिशत घटा
30-Mar-2026 07:22 PM
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान देश में दलहनों का आयात उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था लेकिन 2025-26 के मौजूदा वित्त वर्ष में यह काफी घट गया। समझा जाता है कि पिछला बकाया स्टॉक ऊंचा रहने तथा घरेलू उत्पादन बेहतर होने से आयात में कमी आई।
आरंभिक आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 के 10 महीनों में दलहनों का कुल आयात खर्च तेजी से बढ़कर 4.60 अरब डॉलर पर पहुंच गया था जो अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के 10 महीनों में 35 प्रतिशत घटकर 2.97 अरब डॉलर पर आ गया।
इसी तरह समीक्षाधीन अवधि के दौरान मात्रा की दृष्टि से भी दलहनों के आयात में काफी गिरावट दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2024-25 के शुरुआती 10 महीनों में भारत में 60.10 लाख टन दलहनों का आयात हुआ था जो वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि 18 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 49 लाख टन रह गया।
उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2024-25 की सम्पूर्ण अवधि (अप्रैल-मार्च) के दौरान देश में करीब 73 लाख टन दलहनों का रिकॉर्ड आयात हुआ था।
एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (आईपीजीए) के सचिव का कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 की सम्पूर्ण अवधि के दौरान देश में दलहनों का कुल आयात 52 लाख टन के आसपास सिमट सकता है। सचिव के अनुसार फरवरी-मार्च 2026 के दौरान देश में कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका एवं म्यांमार सहित अन्य देशों से महज 2-3 लाख टन दलहनों का आयात हुआ।
इस बार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में दलहन अपेक्षाकृत सस्ते मूल्य पर उपलब्ध रहा। 2023-24 की तुलना में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान दलहनों का कुल आयात खर्च 46 प्रतिशत उछलकर 5.48 अरब डॉलर के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया था।
