अधिशेष स्टॉक के कारण गेहूं का भाव एमएसपी से नीचे आने की आशंका
27-Feb-2026 12:15 PM
नई दिल्ली। अगले कुछ सप्ताहों में 2026 के रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर नए गेहूं की जोरदार आपूर्ति शुरू होने वाली है जबकि केंद्रीय पूल एवं खुले बाजार में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ सकता है। चालू रबी सीजन के दौरान गेहूं का शानदार घरेलू उत्पादन होने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 160 रूपए बढ़ाकर 2585 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जबकि अधिकांश व्यापारियों एवं उत्पादकों का मानना है कि आपूर्ति के पीक सीजन में इसका मंडी भाव घटकर इस समर्थन मूल्य से 300-400 रूपए प्रति क्विंटल तक नीचे आ सकता है।
2024-25 के रबी सीजन में 1179 लाख टन गेहूं के रिकार्ड उत्पादन का सरकारी अकड़ा सामने आया था जबकि 2025-26 सीजन के लिए 1190 लाख टन के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है अप्रैल से नए गेहूं की जोरदार आवक शुरू हो जाएगी जो कमोबेश जून तक जारी रहेगी। इस अवधि में यदि मंडी भाव नीचे रहता है तो सरकारी एजेंसी को किसानो से अत्यंत विशाल मात्रा में इसकी खरीद करने के लिए विवश होना पड़ेगा। सरकार की अनिश्चितता नीति से व्यापारी दुविधा में है क्योंकि गेहूं पर कभी भी स्टॉक सीमा लागू कर दी जाती है। इसे देखते हुए व्यापारी /स्टॉकिस्ट भी इस बार किसानो से गेहूं खरीदने में काफी सावधानी दिखा सकते है।
