अंतर्राष्ट्रीय अखरोट बाजार: मिडिल ईस्ट पर बढ़ती निर्भरता, भारत की मांग कमजोर
27-Mar-2026 12:02 PM
अंतर्राष्ट्रीय अखरोट बाजार: मिडिल ईस्ट पर बढ़ती निर्भरता, भारत की मांग कमजोर
★ अमेरिका से अखरोट निर्यात में इस सीजन रिकॉर्ड तेजी देखी गई है, जिसका मुख्य कारण मिडिल ईस्ट और अफ्रीका देशों की मजबूत मांग है। फरवरी में शिपमेंट में करीब 77% की वृद्धि दर्ज की गई।
★ वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। दुबई जैसे बड़े ट्रेड हब पर असर पड़ रहा है, जिससे शिपमेंट में देरी, रूट बदलने और लागत बढ़ने की स्थिति बन रही है।
★ भारत के लिए स्थिति कमजोर बनी हुई है। अमेरिका से अखरोट आयात में करीब 12% की गिरावट आई है, वहीं चिली से भी आयात लगभग 17% कम हुआ है।
★ चिली के निर्यात में कुल मिलाकर वृद्धि देखी गई है, लेकिन उसका झुकाव भी मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है। तुर्की और UAE जैसे देशों को चिली की सप्लाई तेजी से बढ़ी है, जबकि भारत और एशिया में हिस्सेदारी कम हुई है।
★ दूसरी ओर, मिडिल ईस्ट देशों—जैसे UAE, तुर्की, इराक और मिस्र—में मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे इन बाजारों का महत्व और बढ़ गया है।
★ अगर मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बनी रहती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक सप्लाई और कीमतों पर पड़ सकता है, जिसका प्रभाव भारत के बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
★ वैश्विक व्यापार का झुकाव मिडिल ईस्ट की ओर है, जबकि भारत में फिलहाल मांग कमजोर बनी हुई है और बाजार दबाव में नजर आ रहा है।
