चीन से खाद्य तेलों के आयात में भारत की दिलचस्पी बढ़ी

27-Mar-2026 01:17 PM

मुम्बई। लैटिन अमरीका तथा काला सागर क्षेत्र से आयात में बाधा पड़ने के कारण खाद्य तेल के घरेलू बाजार मूल्य में 10-15 प्रतिशत का इजाफा हो गया है। भारतीय आयातक अब वैकल्पिक उपाय के तहत चीन से खाद्य तेल मंगाने में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं क्योंकि भारत और चीन के बीच समुद्री मार्ग आवागमन के लिए सुरक्षित है।

ईरान-इजरायल युद्ध के कारण उस क्षेत्र का सामुद्रिक मार्ग असुरक्षित हो गया है तथा किराया-भाड़ा एवं बीमा खर्च काफी बढ़ गया है इसलिए भारतीय रिफाइनर्स को चीन जैसे वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता से खाद्य तेल की खरीद बढ़ाने का प्रयास करना पड़ रहा है।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन के शुरुआती चार महीनों में यानी नवम्बर 2025 से फरवरी 2026 के दौरान भारत में चीन से 14,963 टन पाम तेल तथा 1,75,502 टन क्रूड सोयाबीन तेल का आयात हुआ जबकि 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) में वहां से केवल 36 हजार टन खाद्य तेल मंगाया गया था। 

समझा जाता है कि चीन से सोयाबीन तेल का आयात सस्ता पड़ता है। वहां इसका निर्यात ऑफर मूल्य करीब 1100 डॉलर प्रति टन चल रहा है जो अर्जेन्टीना से कम है। चीन से भारत की दूरी भी कम है इसलिए शिपिंग खर्च कम लगता है और सोयाबीन तेल कम समय में भारत पहुंच जाता है।

उद्योग समीक्षकों के अनुसार इस व्यापार मार्ग का उपयोग आगे भी जारी रहने की संभावना है क्योंकि इससे भारतीय रिफाइनर्स को खाद्य तेलों का स्टॉक बढ़ाने तथा कीमतों को स्थिर बनाए रखने में सहायता मिलेगी। भारत में सोयाबीन तेल का आयात मुखयतः अर्जेन्टीना एवं ब्राजील जैसे लैटिन अमरीकी देशों से किया जाता है।