आयात और घरेलू मांग पर चना का भाव निर्भर

24-Mar-2026 08:46 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान में 2025-26 के मौजूदा रबी सीजन में चना का उत्पादन बढ़कर 117.92 लाख टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है जो 2024-25 सीजन के उत्पादन 111.14 लाख टन से 6.78 लाख टन ज्यादा है। 

ऑस्ट्रेलिया एवं तंजानिया जैसे देशों से चना का आयात नियमित रूप से जारी है जबकि घरेलू फसल भी तेजी से आने लगी है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात एवं आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में इसकी सरकारी खरीद पहले ही आरंभ हो चुकी है जबकि मध्य प्रदेश एवं राजस्थान जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में सरकारी खरीद की प्रक्रिया जल्दी ही शुरू होने की संभावना है। 

कृषि मंत्रालय ने इस वर्ष 17.33 लाख टन मसूर के घरेलू उत्पादन का अनुमान लगाया है जो पिछले साल के उत्पादन 16.54 लाख टन से अधिक है। 2025-26 सीजन के लिए चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5875 रुपए प्रति क्विंटल और मसूर का एमएसपी 7000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 

पिछले वित्त वर्ष की तुलना में चालू वित्त वर्ष के दौरान चना के आयात की गति धीमी है लेकिन अभी घरेलू मांग भी कुछ कमजोर है। अगले महीने जब इसकी जोरदार आवक शुरू होगी तब दाल मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों की लिवाली तेज हो सकती है

और साथ ही साथ इसकी सरकारी खरीद की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। इस बार करीब 22 लाख टन चना की सरकारी खरीद की अनुमति दी गई है जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि बाजार को नियमित रूप से समर्थन मिलता रहेगा।