पश्चिम एशिया संकट से चावल का निर्यात प्रभावित
24-Mar-2026 09:06 PM
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संकट से भारतीय चावल के निरयत शिपमेंट में ठहराव आ गया है और भाव घट गया है। 2025-26 का सीजन भारतीय चावल निर्यातकों के लिए पहले शानदार माना जा रहा था क्योंकि घरेलू उत्पादन बम्पर होने तथा कीमत प्रतिस्पर्धी स्तर पर रहने से निर्यात बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद थी मगर ईरान-इजरायल युद्ध ने इस उम्मीद पर पानी फेरना शुरू कर दिया है।
भारतीय बंदरगाहों पर विशाल मात्रा में चावल का स्टॉक बढ़ा हुआ है मगर इसका शिपमेंट नहीं हो रहा है। इसकी मात्रा 4 लाख टन के आसपास बताई जा रही है।
कुछ जहाजों में चावल का शिपमेंट हुआ था मगर वह अपने गंतव्य स्थान तक नहीं पहुंच पाया है। ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद ही स्थिति उधर सकती है।
भारत संसार में चावल का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है और वैश्विक निर्यात बाजार में इसकी भागीदारी 40 प्रतिशत से ज्यादा रहती है। अगर यहां से निर्यात बाधित हुआ तो अनेक आयतक देशों की खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
