चावल के दाम पर दबाव जारी रहने की संभावना
24-Mar-2026 08:51 PM
नई दिल्ली। शानदार घरेलू उत्पादन एवं कमजोर निर्यात मांग के कारण चावल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। ईरान अमरीका युद्ध के कारण चावल के निर्यात में बाधा पड़ रही है और शिपिंग खर्च बढ़ने से आयातक काफी सतर्क हो गए हैं।
सरकार के पास चावल का विशाल स्टॉक मौजूद है और उसे मिलर्स से इसकी भरपूर आपूर्ति भी हो रही है। खरीफ कालीन धान की सरकारी खरीद लगभग बंद से चुकी है जकी रबी कालीन धान की खरीद अप्रैल में आरंभ होगी।
थाईलैंड, वियतनाम एवं अन्य एशियाई आपूर्तिकर्ता देशों में भी चावल के निर्यात ऑफर मूल्य में गिरावट का रुख देखा जा रहा है।
भारत के साथ एक खास बात यह है कि रुपया का मूल्य काफी घट गया है जिससे उसे चावल का दाम प्रतिस्पर्धी स्तर पर रखने में सहायता मिल रही है। यदि शिपिंग चार्ज में कमी आ जाए तो भारतीय चावल के निर्यात में भारी बढ़ोत्तरी हो सकती है। अफ्रीकी देश पूरे हालात पर गहरी रखे हुए हैं।
