आयात महंगा होने से खाद्य तेल की कीमतों में तेजी

27-Mar-2026 05:11 PM

मुम्बई। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण विदेशों से न केवल खाद्य तेलों के आयात में बाधा पड़ रही है बल्कि ऊंचे शिपिंग खर्च के कारण आयात महंगा भी बैठ रहा है। डॉलर के सापेक्ष रुपया की विनिमय दर घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आने से भी आयात खर्चीला साबित हो रहा है। 

पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल युद्ध अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और निकट भविष्य में इसके समाप्त होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इससे भारत जैसे देश के लिए समस्या गंभीर होती जा रही है। भारत दुनिया में खाद्य तेलों का सबसे बड़ा आयातक देश है

और अपनी घरेलू जरूरत के करीब 60 प्रतिशत खाद्य तेल का आयात विदेशों से करता है। इसके तहत इंडोनेशिया-मलेशिया से पाम तेल, अर्जेन्टीना-ब्राजील से सोयाबीन तेल तथा रूस- यूक्रेन से सूरजमुखी तेल मंगाया जाता है। पाम तेल का आयात तो सामान्य ढंग से हो रहा है लेकिन सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल के आयात में कठिनाई हो रही है। 

पिछले चार सप्ताह के अंदर विभिन्न खाद्य तेलों के दाम में 6 से 14 प्रतिशत तक का इजाफा हो चुका है। 27 फरवरी से 25 मार्च के दौरान पाम तेल का भाव 16 प्रतिशत एवं सोया तेल का दाम 14 प्रतिशत उछल चुका है।