वियतनाम एवं ब्राजील से भी बढ़ सकता है कालीमिर्च का आयात
11-Sep-2026 01:23 PM
मंगलोर। इंडियन पीपर एंड स्पाईस ट्रेड एसोसिएशन के डायरेक्टर का कहना है कि त्यौहारी सीजन की मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए देश में कालीमिर्च का पर्याप्त स्टॉक शायद उपलब्ध नहीं है और अगला उत्पादन भी कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं इसलिए विदेशों से इसका आयात का प्रयास किया जा रहा है। दक्षिणी राज्यों में बारिश काफी कम हुई है।
एसोसिएशन के अनुसार भारतीय आयातक फिलहाल श्रीलंका से कालीमिर्च के आयात को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि एक तो वहां इस बार इसका शानदार उत्पादन हुआ है और भारत में एक निश्चित मात्रा में इसका शुल्क मुक्त तथा रियायती शुल्क पर आयात किया जा सकता है और दूसरे वहां से माल मंगाने में समय तथा शिपमेंट खर्च कम लगता है। वर्तमान समय में कालीमिर्च का भाव श्रीलंका में करीब 6900 डॉलर प्रति टन और भारत में 7800 डॉलर प्रति टन चल रहा है।
यदि घरेलू प्रभाग में कालीमिर्च की मांग एवं खपत तेजी से बढ़ती है तो वियतनाम एवं ब्राजील जैसे देशों में भी इसका आयात बढ़ाने का प्रयास किया जा सकता है। फिलहाल कालीमिर्च का निर्यात ऑफर मूल्य वियतनाम में 6000 डॉलर प्रति टन और ब्राजील में 5800 डॉलर प्रति टन बताया जा रहा है।
केरल के इडुक्की जिले में उत्पादक अब कालीमिर्च के बजाए छोटी इलायची के उत्पादन की तरफ मुड़ रहे हैं क्योंकि इसकी कीमतों में अच्छी तेजी आ रही है। ग्वाटेमाला में फसल कमजोर होने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय इलायची की मांग काफी मजबूत हो गई है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार जोरदार भारतीय मांग के कारण श्रीलंका में कालीमिर्च का भाव ऊंचा हो गया है जबकि शानदार उत्पादन होने से वहां इसका दाम नरम रहना चाहिए था।
