अक्टूबर से प्रत्येक माह चीनी के उत्पादन पर रहेगी सरकारी नजर
11-Sep-2026 01:44 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने अक्टूबर 2026 से आरंभ होने वाले नए मार्केटिंग सीजन में प्रत्येक चीनी के घरेलू उत्पादन एवं स्टॉक पर नजर रखने और इसका नियमित आंकलन- विश्लेषण करने का फैसला किया है। इस बीच खाद्य मंत्रालय ने कहा है कि मिलों को उचित मूल्य पर बाजार में चीनी बेचना आवश्यक है अन्यथा सरकार को कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एहतियाती कदम उठाना पड़ेगा।
खाद्य मंत्रालय के मुताबिक चीनी की कीमतों में तेजी को नियंत्रित करने के लिए नीति निर्माण की प्रक्रिया सुधारने के उद्देश्य से उत्पादन एवं स्टॉक तथा वितरण-विवरण पर नियमित नजर रखना आवश्यक है। जुलाई-अगस्त के दौरान चीनी के दाम में अकस्मात अप्रत्याशित तेजी आ गई थी जिससे सरकार अब काफी सजग-सतर्क हो गई है और यह ऐसी व्यवस्था निर्मित करना चाहती है ताकि उसकी पुनरावृत्ति न हो सके।
चीनी मिलों को प्रत्येक माह के वास्तविक उत्पादन एवं बिक्री का सटीक आंकड़ा सरकार को उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है। हालांकि पिछले कुछ दिनों के अंदर चीनी के एक्स फैक्टरी मूल्य में जोरदार गिरावट आई है और थोक भाव भी घटकर नीचे आया है अगर खुदरा कीमतों में ज्यादा कमी नहीं आई है। 10 सितम्बर को अखिल भारतीय स्तर पर चीनी का औसत खुदरा मूल्य 60.20 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया जो 9 सितम्बर के मूल्य 60.31 रुपए प्रति किलो से कुछ ही नीचे था। चीनी का एक्स फैक्टरी मूल्य 4700 से 5100 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है। थोक भाव में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल का उतार चढ़ाव देखा जा रहा है।
