उत्पादक देशों में मौसम के जोखिम से चीनी के दाम में मिश्रित रुख
20-Aug-2026 01:29 PM
न्यूयार्क। दुनिया के दो शीर्ष उत्पादक देशों- ब्राजील तथा भारत में अल नीनो के प्रभाव से मौसम खराब होने की आशंका बढ़ती जा रही है। थाईलैंड पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है जो चीनी का दूसरा सबसे प्रमुख निर्यातक देश है। अल नीनो का थोड़ा बहुत प्रभाव ऑस्ट्रेलिया एवं यूरोपीय संघ पर भी पड़ने का अनुमान है। ब्राजील, भारत एवं थाईलैंड में गन्ना तथा चीनी के उत्पादन में कमी आने की आशंका को देखते हुए वैश्विक बाजार की दशा एवं दिशा में खास परिवर्तन हो सकता है।
उत्तरी गोलार्द्ध के देशों पर अल नीनो का खतरा बढ़ता जा रहा है हालांकि भारत में पूरे जुलाई से लेकर मध्य अगस्त तक मानसून की हालत काफी हद तक सामान्य रही और अब भी देश के कुछ राज्यों में वर्षा हो रही है या होने वाली है जिससे अभी तक गन्ना की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन सितम्बर में मौसम गर्म एवं शुष्क रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है जिससे फसल प्रभावित हो सकती है। गन्ना का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से करीब 30 हजार हेक्टेयर पीछे हो गया है।
अल नीनो के खतरे को देखते हुए तीनों देशों- ब्राजील, भारत एवं थाईलैंड में चीनी का भाव तेजी से ऊपर उठने लगा है। सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ब्राजील के दक्षिणी भाग में चालू वर्ष की दूसरी छमाही के दौरान अत्यन्त मूसलाधार बारिश होने की संभावना है जिससे गन्ना फसल की कटाई, ढुलाई एवं क्रशिंग की गति धीमी पड़ सकती है और गन्ने की क्वालिटी तथा चीनी की औसत रिकवरी दर प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाएगी। लेकिन इससे आगामी सीजन के लिए गन्ना की बेहतर पैदावार की उम्मीद रहेगी।
भारत और थाईलैंड में इससे उल्टी समस्या रहेगी। आमतौर पर अल नीनो की वजह से एशिया में बारिश कम होती है जिससे गन्ना की पैदावार पर असर पड़ता है। भारत में मानसून कमजोर पड़ने लगा है।
