चीनी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी से स्टॉक धारिता सीमा में कटौती
20-Aug-2026 12:23 PM
नई दिल्ली। आपूर्ति की जटिल स्थिति, मौसम की असामान्य हालत एवं त्यौहारी सीजन की बढ़ती मांग से चीनी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखी जा रही है। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार को तत्काल नए सिरे से चीनी बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए विवश होना पड़ा है। सरकार ने चीनी की स्टॉक धारिता की सीमा (अवधि) का नियम सख्त बनाते हुए कहा है कि जो डीलर्स प्रति माह 10 टन से अधिक चीनी का कारोबार करते हैं वे एक समय में 15 दिनों से ज्यादा अवधि के लिए इसका स्टॉक नहीं रख सकते हैं। यह आदेश 1 सितम्बर से आरंभ होकर 30 नवम्बर 2026 तक प्रभावी माना जाएगा।
इसका मतलब यह हुआ कि डीलर्स को जल्दी से जल्दी अपनी चीनी का स्टॉक मार्केट में उतारना पड़ेगा। इससे बाजार में चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतों में तेजी पर अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार सितम्बर-नवम्बर की अवधि में किसी भी डीलर्स के पास एक वक्त में 15 दिनों से ज्यादा समय के कारोबार के लायक चीनी का स्टॉक मौजूद नहीं होना चाहिए। यदि किसी के पास अतिरिक्त स्टॉक मौजूद है तो उसे यथाशीघ्र बाजार में उतारना आवश्यक है।
समझा जाता है कि केन्द्र सरकार घरेलू आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से सीमित समय के लिए चीनी के शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति देने पर विचार कर रही है। इससे घरेलू बाजार पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है।
