उर्वरकों के ऊंचे दाम में वैश्विक कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका
10-Jul-2026 04:29 PM
नई दिल्ली। रासायनिक उर्वरकों का भाव ऊंचा होने से दुनिया के अनेक देशों में इसका उपयोग घटने की संभावना है जिसका प्रतिकूल असर कृषि उत्पादन पर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन को छोड़कर अन्य अधिकांश देशों को इससे काफी परेशानी हो रही है।
भारत में उर्वरक सब्सिडी के लिए अत्यन्त विशाल धनराशि का प्रावधान किया जाता है इसलिए यहां किसानों के हितों की सुरक्षा तो हो जाती है मगर सरकारी खजाने पर दबाव भी काफी बढ़ जाता है। जिन देशों में सब्सिडी की व्यवस्था नहीं है वहां किसानों को बहुत महंगे दाम पर उर्वरक खरीदने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
गरीब किसान महंगे उर्वरक का भार सहने में असमर्थ हैं इसलिए उन्हें इसका उपयोग घटाने के लिए विवश होना पड़ेगा जिससे फसलों की उपज दर एवं पैदावार में स्वाभाविक रूप से गिरावट आ जाएगी। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण उर्वरकों का आयात-निर्यात प्रभावित होने की आशंका है।
एशिया, अफ्रीका एवं लैटिन अमरीका के कम विकसित देशों में उर्वरकों को लेकर किसानों में गहरी चिंता देखी जा रही है। वहां कृषि उत्पादन में गिरावट आने पर विदेशों से खद्यान्न, खाद्य तेल एवं अन्य महत्वपूर्ण उत्पादों का आयात बढ़ाने की आवश्यकता पड़ेगी।
इस बार कुछ देशों को अल नीनो मौसम चक्र भी परेशान करेगा। 2026-27 के मार्केटिंग सीजन के शेष महीनों में चावल, गेहूं, मक्का, चीनी, दलहन एवं खाद्य तेल का भाव ऊपर नीचे हो सकता है।
