आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में खरीफ फसलों का रकबा गत वर्ष से आगे

10-Jul-2026 04:05 PM

हैदराबाद। दक्षिण भारत के दो महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक राज्य- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष खरीफ फसलों के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। आंध्र प्रदेश में रकबा 4.81 लाख हेक्टेयर से 39 प्रतिशत या 1.88 लाख हेक्टेयर बढ़कर 6.69 लाख हेक्टेयर तथा तेलंगाना में 52.04 लाख एकड़ से 3.28 लाख एकड़ बढ़कर 55.32 लाख एकड़ पर पहुंच गया है। दोनों राज्यों में बिजाई की प्रक्रिया अभी जारी है। 

आंध्र प्रदेश में पिछले साल के मुकाबले चालू खरीफ सीजन में धान का उत्पादन क्षेत्र 1.78 लाख हेक्टेयर से उछलकर 2.20 लाख हेक्टेयर, मोटे अनाजों का रकबा 44 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 52 हजार हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों का क्षेत्रफल 55 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 65 हजार हेक्टेयर हो गया। इसी तरह कपास की बिजाई भी 1.63 लाख हेक्टेयर बढ़कर 2.40 लाख हेक्टेयर पर पहुंची। 

आंध्र प्रदेश के पड़ोसी राज्य- तेलंगाना में यद्यपि धान का उत्पादन क्षेत्र 3.64 लाख एकड़ से बढ़कर 4.22 लाख एकड़, दलहनों का बिजाई क्षेत्र 3.52 लाख एकड़ से सुधरकर 3.67 लाख एकड़, तिलहन फसलों का क्षेत्रफल 2.76 लाख एकड़ से बढ़कर 3.38 लाख एकड़ तथा कपास का रकबा 34.59 लाख एकड़ से उछलकर 39.44 लाख एकड़ पर पहुंच गया लेकिन मोटे अनाजों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 5.24 लाख एकड़ से उछलकर इस बार 2.99 लाख एकड़ पर अटक गया। मोटे अनाजों के संवर्ग में खासकर मक्का का रकबा 4.97 लाख एकड़ से घटकर 2.84 लाख एकड़ रह गया।

तेलंगाना में सोयाबीन की अच्छी बिजाई हुई है और इसका उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 2.75 लाख एकड़ से बढ़कर इस बार 3.35 लाख एकड़ हो गया। इसी तरह दलहन फसलों में अरहर (तुवर ) का बिजाई क्षेत्र 3.11 लाख एकड़ से सुधरकर 3.19 लाख एकड़ पर पहुंचा। आंध्र प्रदेश में भी तुवर का बिजाई क्षेत्र 26 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 70 हजार हेक्टेयर और मूंगफली का रकबा 43 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 47 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया।