दलहनों के सरकारी स्टॉक की बिक्री पर रोक लगाने की संभावना
28-Jul-2026 11:24 AM
नई दिल्ली । केन्द्रीय उपभोक्ता मामले विभाग के विशेष आग्रह एवं सुझाव को देखते हुए कृषि मंत्रालय द्वारा अपनी अधीनस्थ एजेंसी को खुले बाजार में अपने दलहनों की बिक्री को रोकने का निर्देश दिए जाने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव ने कृषि मंत्रालय को एक पत्र भेजकर दलहनों की बिक्री को रोकने का आग्रह किया था।
पत्र में कहा गया था कि अल नीनो के प्रभाव से मानसून की बारिश कम तथा अनियमित होने के कारण खरीफ कालीन दलहन फसलों के बिजाई क्षेत्र में गिरावट आई जिससे इसका उत्पादन घटने की संभावना है। ऐसी हालत में आगामी महीनों के दौरान देश में दलहनों का अभाव उत्पन्न हो सकता है। सरकारी एजेंसियों को अभी अपने स्टॉक की बिक्री रोक देना चाहिए ताकि अभाव के समय इसका उपयोग किया जा सके।
पत्र में सरकारी एजेंसी को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत खरीदे गए तुवर एवं चना की खुली बिक्री को अस्थायी तौर पर बंद करने का सुझाव दिया गया है सरकारी एजेंसी द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 2025-26 के खरीफ सीजन में तुवर एवं रबी सीजन में चना की भारी खरीद की गई और बाद में खुले बाजार में इसकी नियमित बिक्री भी आरंभ कर दी गई। इससे दलहनों की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रही और कीमतों में भी ज्यादा तेजी नहीं आ सकी।
लेकिन उपभोक्ता मामले मंत्रालय को आशंका है कि खरीफ सीजन में दलहनों का उत्पादन घट सकता है इसलिए उसने अपने पत्र में कहा है कि जब तक 2026-27 के खरीफ एवं रबी सीजन में उत्पादन की स्पष्ट तस्वीर उभरकर सामने नहीं आ जाती तब तक कृषि मंत्रालय को दलहनों की बिक्री बंद रखने पर विचार करना चाहिए।
केन्द्रीय बफर स्टॉक में फिलहाल करीब 20 लाख टन चना तथा 7-8 लाख टन तुवर का भंडार मौजूद होने का अनुमान है यदि इसे सुरक्षित रखा गया तो आगामी महीनों में बाजार को नियंत्रित रखने में काफी सहायता मिलेगी। समझा जाता है कि कृषि मंत्रालय इस पत्र पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रहा है और निकट भविष्य में उपभोक्ता मामले विभाग के आग्रह को स्वीकार करते हुए कोई सकारात्मक निर्णय ले सकता है।
