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तुवर बाजार में आगे तेजी की संभावना, कमजोर उत्पादन और सीमित स्टॉक से मिल रहा समर्थन

09-Oct-2026 06:02 PM

तुवर बाजार में आगे तेजी की संभावना, कमजोर उत्पादन और सीमित स्टॉक से मिल रहा समर्थन

घरेलू बाजार में दाल मिलों की मजबूत मांग और सीमित उपलब्धता के चलते तुवर की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है। बाजार जानकारों के अनुसार, खपत का सीजन शुरू होने के साथ तुवर दाल की मांग मजबूत रहने की संभावना है। दूसरी ओर, उत्पादक मंडियों में देशी तुवर का बकाया स्टॉक सीमित रह गया है, जिससे बाजार को समर्थन मिल रहा है।

चालू खरीफ सीजन में प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में सामान्य से कम बारिश होने के कारण तुवर की फसल प्रभावित होने की आशंका है। प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के चलते उत्पादन में गिरावट की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, नई फसल की आवक में देरी होने की आशंका से निकट भविष्य में बाजार में उपलब्धता सीमित रह सकती है।

उत्पादन को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि बाजार जानकार चालू सीजन में तुवर की पैदावार में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान लगा रहे हैं। हालांकि, उत्पादन में वास्तविक गिरावट का आकलन फसल की आगे की स्थिति और कटाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

केंद्र के केंद्रीय पूल में तुवर का करीब 10 लाख टन स्टॉक बताया जा रहा है, जिसकी बाजार आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। दूसरी ओर, अफ्रीकी देशों में भी तुवर उत्पादन के अनुमानों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

यदि वहां उत्पादन घटता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्धता सीमित रह सकती है। इसका असर भारत में आयातित तुवर की आपूर्ति और आयात लागत पर भी पड़ सकता है। कुल मिलाकर, कमजोर उत्पादन की आशंका, उत्पादक मंडियों में सीमित बकाया स्टॉक, नई फसल की आवक में संभावित देरी और दाल मिलों की मजबूत मांग तुवर बाजार को समर्थन दे रहे हैं। ऐसे में बाजार में आगे भी तेजी की संभावना बनी हुई है।