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चीनी बाजार में असमंजस की स्थिति, कारोबार प्रभावित

09-Oct-2026 06:37 PM

चीनी बाजार में असमंजस की स्थिति, कारोबार प्रभावित

देश के चीनी बाजारों में इस समय असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते कारोबारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चीनी मिलों द्वारा की जा रही वास्तविक बिक्री के आंकड़े खुले बाजार में स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ रहे हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मासिक बिक्री कोटे का निर्धारित नियमों के अनुरूप पालन नहीं हो रहा है।

दरअसल, चीनी के अधिकतम बिक्री भाव 4,500 और 4,600 रुपये प्रति क्विंटल तय किए जाने के बाद से बाजार में इस तरह का रुझान देखने को मिल रहा है। फिलहाल खुले बाजार में पारदर्शी कारोबार सीमित दिखाई दे रहा है, जबकि निजी और गोपनीय सौदों की चर्चा अधिक है। इससे बाजार में वास्तविक मांग, बिक्री और भावों का आकलन करना मुश्किल हो गया है।

आईग्रेन इंडिया की पूरी कोशिश रहेगी कि बाजार से जैसे भी विश्वसनीय भाव और कारोबार संबंधी जानकारी प्राप्त होगी, उसे तत्काल पाठकों और कारोबारियों तक पहुंचाया जाए।

हमारा मानना है कि अगले सप्ताह से चीनी की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, क्योंकि 15 अक्टूबर तक के बिक्री कोटे की समयसीमा समाप्त होने वाली है। हालांकि, बाजार में वास्तविक सुधार बिक्री की मात्रा और मिलों के रुख पर निर्भर करेगा।

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और मासिक बिक्री कोटे के अनुपालन तथा बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

भारतीय चीनी बाजार में इस प्रकार की गतिविधियां असामान्य दिखाई दे रही हैं। इन परिस्थितियों में बाजार की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

सुझाव: मौजूदा परिस्थितियों में कारोबारियों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। बाजार की वास्तविक बिक्री, मिलों के रुख और सरकारी कदमों पर नजर रखते हुए संयम एवं धैर्य के साथ कारोबार करना आवश्यक है।