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09-Oct-2026 06:33 PM
उत्पादक मंडियों में खरीफ मूंग की आवक का दबाव नहीं बन पाने तथा दाल मिलों और स्टॉकिस्टों की मजबूत मांग के समर्थन से घरेलू बाजार में मूंग की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है। मानसूनी बारिश की कमी के कारण कई उत्पादक क्षेत्रों में मूंग की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता कमजोर रहने की आशंका है, जिससे चालू सीजन के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। मंडियों में अपेक्षित मात्रा में नई मूंग की आवक नहीं हो रही है। दूसरी ओर, दाल मिलों की खरीद और स्टॉकिस्टों की सक्रियता से बाजार को मजबूती मिल रही है। इसके चलते प्रमुख उत्पादक मंडियों में मूंग के भावों में तेजी दर्ज की गई। आज इंदौर में मूंग के भाव 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर 8,500 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। जयपुर में चमकी मूंग के भाव 100 रुपये की तेजी के साथ 8,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। वहीं, दिल्ली में राजस्थान लाइन की मूंग के भाव 7,800 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रहे।
आगे बाजार की दिशा कैसी रहेगी?
कमजोर उत्पादकता की आशंका, मंडियों में सीमित आवक और दाल मिलों की मजबूत मांग को देखते हुए मूंग बाजार में तेजी को समर्थन मिल रहा है। स्टॉकिस्टों की खरीदारी भी कीमतों को मजबूती दे रही है। हालांकि, केंद्रीय पूल में उपलब्ध सरकारी स्टॉक और आगामी दिनों में नई फसल की आवक बढ़ने की स्थिति बाजार की तेजी को प्रभावित कर सकती है।