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गन्ना का रकबा घटा- सूखा एवं बाढ़ से फसल प्रभावित

09-Oct-2026 05:35 PM

गन्ना का रकबा घटा- सूखा एवं बाढ़ से फसल प्रभावित

नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में इस बार न केवल गन्ना की बिजाई कुछ कम हुई बल्कि प्रमुख उत्पादक प्रांतों में प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान होने की सूचना भी मिल रही है। इससे 2026-27 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में चीनी का उत्पादन घटने तथा इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रहने की संभावना है

पिछले दो महीने से सरकार घरेलू प्रभाग में बिक्री के लिए चीनी का भारी भरकम फ्री सेल कोटा जारी कर रही है जिससे उद्योग के पास इसका बकाया अधिशेष स्टॉक घटकर पिछले अनेक वर्षों के निचले स्तर पर आ गया है। कुछ मिलों में अगले सप्ताह से गन्ना की क्रशिंग शुरू हो जाने की संभावना है जिससे चीनी का स्टॉक पोजीशन थोड़ा सुधर सकता है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना का उत्पादन क्षेत्र 58.47 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो गत वर्ष के क्षेत्रफल 58.47 लाख हेक्टेयर से 40 हजार हेक्टेयर कम है। इससे भी बड़ी समस्या यह है कि महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में गंभीर सूखे का संकट देखा जा रहा है जिससे गन्ना की फसल का ठीक से विकास नहीं हो पा रहा है।

दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में इस बार जबरदस्त बाढ़ का प्रकोप रहा। गन्ना के खेतों में लम्बे समय तक पानी का जमाव रहने से फसल को क्षति हो रही है। कुछ इलाकों में गन्ना की फसल को कीड़ों-रोगों से भी खतरा पैदा हो गया है।

अधिकांश समीक्षकों का मानना है कि लगातार तीसरे वर्ष 2026-27 के सीजन में चीनी का उत्पादन घरेलू मांग एवं जरूरत से कम होगा जबकि इस बार उद्योग के पास ऊंचा स्टॉक भी नहीं रहेगा। सरकार एथनॉल निर्माण में गन्ना जूस एवं सीरप तथा बी हैवी शीरा का उपयोग बंद करने पर विचार कर रही है।

चीनी का निर्यात पहले ही रोका जा चुका है और कम से कम 2026-27 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में इसके शिपमेंट की अनुमति देने की संभावना नजर नहीं आती है। कुछ समीक्षकों का मानना है कि 2027-28 के मार्केटिंग सीजन में भी चीनी का घरेलू उत्पादन उम्मीद से कम हो सकता है।