तेलंगाना सरकार द्वारा सीसीआई से रूई की निर्बाध खरीद का आग्रह

20-Aug-2026 04:07 PM

हैदराबाद। तेलंगाना सरकार ने केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) से राज्य में आगामी मार्केटिंग सीजन के दौरान किसानों से रूई की आसान एवं निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने के लिए कहा है। अल नीनो के प्रभाव एवं मानसून के कमजोर प्रदर्शन से तेलंगाना में इस बार खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र घटने की आशंका व्यक्त की जा रही थी मगर इसके विपरीत कुल क्षेत्रफल करीब 3 लाख एकड़ की वृद्धि के साथ 121 लाख एकड़ पर पहुंच गया। कपास का रकबा लगभग सामान्य रहा है। 

तेलंगाना के कृषि मंत्री ने राज्य के कॉटन जिनिंग- प्रेसिंग मिलों के मालिकों से अगले 2-3 सप्ताहों में अपनी इकाइयों को चालू करने के लिए कहा है ताकि खरीदी गई रूई के सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त जगह हासिल हो सके। 

तेलंगाना भारत में कपास का तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य माना जाता है। वहां इस बार 47.71 लाख एकड़ (19.31 लाख हेक्टेयर) में इस महत्वपूर्ण रेशेदार औद्योगिक फसल की खेती हुई है जो पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल के लगभग बराबर है। फसल की हालत संतोषजनक बताई जा रही है। 

तेलंगाना के कृषि मंत्री ने अधिकारियों को जिला स्तर पर निगरानी समिति बनाने, उसमें किसानों को भी सदस्य के रूप में शामिल करने तथा कपास की खरीद में सीसीआई को पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया है। 

लेकिन किसानों ने बुकिंग स्लॉट में अंतर का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि पहले सरकारी एप पर बुकिंग करने पर मंडल के स्तर पर स्लॉट मिलता था मगर अब यह जिला स्तर पर मिल सकता है। इससे किसानों को कठिनाई होगी। भारतीय कपास निगम (सीसीआई) भी केवल चिन्हित या निर्धारित क्रय केन्द्रों पर ही रूई खरीदने की तैयारी कर रहा है।

किसानों का कहना है कि बारिश कम होने से कपास की फसल को नुकसान के साथ-साथ फायदा भी हुआ है क्योंकि गर्म एवं शुष्क मौसम के कारण कपास के खेतों में खर पतवार ज्यादा नहीं पनप सका। तेलंगाना के कृषि मंत्री ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए केन्द्र सरकार से किसान कपास एप को सुधारने एवं इससे कृषक समुदाय की शिकायतों को शामिल करने का आग्रह किया है।