तेलंगाना में लालमिर्च का भाव लुढ़कने से किसानों में भारी असंतोष
31-Jan-2025 08:34 PM
खम्माम । देश के दूसरे सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- तेलंगाना में लालमिर्च के उत्पादक फिलहाल काफी चिंतित और परेशान हैं क्योंकि इस महत्वपूर्ण मसाला का बाजार भाव घटकर बहुत नीचे आ गया है और फिर भी इसके खरीदारों का अभाव बना हुआ है।
कमजोर बाजार भाव के खिलाफ पिछले दिन खम्माम जिले के लालापुरम क्षेत्र में लालमिर्च उत्पादकों की ओर से धरना प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। उत्पादकों की मांग थी कि उन्हें लालमिर्च के लिए 20,000 रुपए प्रति क्विंटल का निश्चित मूल्य दिया जाए।
भारत संसार में लालमिर्च का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है। वर्ष 2023 में विश्व स्तर पर लालमिर्च का कुल बिजाई क्षेत्र 18.03 लाख हेक्टेयर तथा कुल उत्पादन 58.22 लाख टन दर्ज किया गया था। इस सकल वैश्विक उत्पादन में अकेले भारत का योगदान 27. 82 लाख टन रहा था।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना इसके दो श्रीश उत्पादक राज्य है। 2023-24 के सीजन में तेलंगाना का स्थान लालमिर्च के बिजाई क्षेत्र में तीसरा तथा पैदावार एवं उपज दर में दूसरा रहा था। वहां लालमिर्च का बिजाई क्षेत्र 3.92 लाख एकड़ तथा उत्पादन 7.94 लाख टन आंका गया था।
लेकिन लालमिर्च की औसत उपज दर केवल 2021 किलो प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकी जो वैश्विक औसत 3229 किलो प्रति हेक्टेयर से पीछे रह गई।
तेलंगाना रैयत संघ के मुताबिक कमजोर मांग एवं अस्थिर कीमत के कारण लाल उत्पादकों को औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है जिससे उसे काफी नुकसान हो रहा है। कर्ज की वजह से उत्पादकों के लिए वित्तीय संकट और भी गंभीर हो गया है।
राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लालमिर्च का बिजाई क्षेत्र 4.50 लाख एकड़ से घटकर 2.34 लाख एकड़ रह गया। इसके बावजूद लालमिर्च की मांग में बढ़ोत्तरी नहीं देखी जा रही है। दूसरी ओर रोगों-कीड़ों के प्रकोप से उत्पादन में भी भारी गिरावट आ रही है।
