साप्ताहिक समीक्षा- जीरा

11-Apr-2026 07:56 PM

जीरा कीमतों में गिरावट : निर्यात मांग कम
 
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान जीरा कीमतों में नरमी रही। हालांकि चालू सीजन के दौरान देश में जीरा उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम होने के समाचार है लेकिन उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर संतोषजनक आवक एवं निर्यातकों की कमजोर मांग के चलते हाजिर बाजारों में जीरा के भाव 4/5 रुपए प्रति किलो मंदे के साथ बोले गए। सूत्रों का कहना है कि अभी हाल-फिलहाल अधिक तेजी के आसार नहीं है क्योंकि चालू सप्ताह के दौरान राजस्थान की मंडियों में नए जीरे की आवक जोरों पर होगी। गुजरात की मंडियों में भी आवक अच्छी चल रही है। आवक घटने के पश्चात कीमतों में अवश्य ही सुधार होगा।
पैदावार कम 
प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात एवं राजस्थान में इस वर्ष बिजाई क्षेत्रफल 11.18 लाख हेक्टेयर का रहा जबकि गत वर्ष 11.71 लाख हेक्टेयर पर बिजाई की गई थी। बिजाई के पश्चात मौसम भी फसल के प्रतिकूल रहा। जिस कारण से चालू सीजन के दौरान देश में जीरा उत्पादन 88/90 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे है जबकि गत वर्ष उत्पादन 97/98 लाख बोरी का माना गया था। व्यापारिक अनुमान है कि इस गुजरात में जीरा उत्पादन 32/35 लाख बोरी एवं राजस्थान 52/55 लाख बोरी के आसपास रहेगा। 
आवक 
वर्तमान में प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात की मंडियों में नए जीरे की दैनिक आवक 80/85 हजार बोरी की चल रही है जबकि अकेले ऊंझा मंडी में आवक 45/50 हजार बोरी की हो रही है। जबकि राजस्थान की मंडियों में दैनिक औसतन आवक 50/55 हजार बोरी की हो रही है। राजस्थान की प्रमुख मंडी मेडता में आवक 18/20 हजार बोरी की हो रही है। आवक में विलम्ब होने के कारण इस वर्ष राजस्थान की मंडियों में अप्रैल माह के दौरान आवक का दबाव बना रहेगा। 
भाव 
कमजोर एवं बढ़ती आवक के कारण चालू सप्ताह के दौरान जीरे के भावों में 4/5 रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई और गुजरात की मंडियों में जीरे के भाव क्वालिटीनुसार 185/220 रुपए प्रति किलो पर बोले जा रहे हैं। राजस्थान की मंडियों में एवरेज क्वालिटी का भाव 190/225 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। वर्तमान में जीरे का निर्यात भाव 4250 रुपए प्रति 20 किलो बोला जा रहा है। 
अधिक मंदा नहीं 
जानकारों का कहना है कि जीरे की वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि आगामी दिनों में मंडियों में जीरे की दैनिक आवक घटनी शुरू हो जाएगी। जबकि चीन एवं बांग्लादेश की खरीद अप्रैल-मई माह में बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। जिस कारण से आगामी दिनों में जीरे के भाव तेज रहने के आसार हैं। 
निर्यात 
चालू सीजन 2025-26 के दौरान जीरे का निर्यात 15 प्रतिशत घटा है जबकि निर्यात भाव कम मिलने के कारण आय में 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू सीजन के प्रथम 10 माह अप्रैल-जनवरी- 2026 के दौरान जीरा का निर्यात 166878 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 3885.33 करोड़ की रही। जबकि गत वर्ष इसी समयावधि में जीरा का निर्यात 197050 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 5386.32 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 में जीरा का कुल निर्यात 229881 टन का हुआ था। वर्ष 2020-21 में जीरा का रिकॉर्ड निर्यात 298423 टन का रहा था।