साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं

11-Apr-2026 07:33 PM

नीचे दाम पर लिवाली होने से गेहूं के मूल्य में सुधार 

नई दिल्ली। गेहूं की नई फसल की कटाई-तैयारी का सीजन तो आरंभ हो चुका है लेकिन मंडियों में इसकी आपूर्ति का प्रेशर नहीं बन पाया है। सरकारी खरीद की गति सुस्त है। अधिकांश मंडियों में गेहूं का दाम घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (2585 रुपए प्रति क्विंटल) से नीचे आ गया है जिससे इसकी लिवाली में 4-10 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों दिलचस्पी कुछ बढ़ गई। 
दिल्ली 
आलोच्य सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 20 रुपए सुधरकर 2525-2550 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 150 रुपए बढ़कर 2230/3100 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। 
गुजरात 
गुजरात के राजकोट में भाव 200 रुपए घट गया। मध्य प्रदेश की मंडियों में 120-125 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी रही। 
यूपी / राजस्थान 
राजस्थान में गेहूं का दाम बूंदी में 50 रुपए कोटा में 100 रुपए तेज रहा। उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में भी 20-25 रुपए का सुधार आया जबकि महाराष्ट्र की जालना मंडी में गेहूं का दाम 250 रुपए उछलकर 2100/2700 रुपए पर पहुंच गया। 
आवक 
दिल्ली में रोजाना औसतन 8-10 हजार बोरी गेहूं की आवक हुई जबकि देश के अन्य राज्यों की प्रमुख मंडियों में आपूर्ति घटती-बढ़ती रही। आंधी-वर्षा से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है और दाने की क्वालिटी खराब हो गई है। फिर भी कुल उत्पादन गत वर्ष से ज्यादा होने की उम्मीद है। आगामी समय में गेहूं की आवक बढ़ने की संभावना है।