तेलंगाना में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल गत वर्ष से कुछ पीछे
13-Aug-2026 08:35 PM
हैदराबाद। हालांकि पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान दक्षिण भारतीय राज्य- तेलंगाना में अरहर (तुवर), मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं कपास के साथ-साथ गन्ना के बिजाई क्षेत्र में भी अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन धान और मक्का का रकबा घट जाने से खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 12 अगस्त 2026 तक 107.17 लाख एकड़ पर ही पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 108.49 लाख एकड़ से 1.32 लाख एकड़ कम है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान तेलंगाना में धान का उत्पादन क्षेत्र 45.21 लाख एकड़ से लुढ़ककर 41.54 लाख एकड़ तथा मक्का का बिजाई क्षेत्र 5.97 लाख एकड़ से गिरकर 5.31 लाख एकड़ पर अटकने से अनाजी फसलों का कुल क्षेत्रफल भी 51.52 लाख एकड़ से घटकर 47.11 लाख एकड़ पर सिमट गया।
लेकिन दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 5.52 लाख एकड़ से बढ़कर 6.38 लाख एकड़ पर पहुंच गया। इसके तहत तुवर का बिजाई क्षेत्र 4.70 लाख एकड़ से बढ़कर 5.04 लाख एकड़, मूंग का क्षेत्रफल 59 हजार एकड़ से उछलकर 96 हजार एकड़ तथा उड़द का रकबा 22 हजार एकड़ से सुधरकर 35 हजार एकड़ पर पहुंचा। अन्य दलहनों की बिजाई भी बढ़ी है।
तिलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र भी 3.65 लाख एकड़ से बढ़कर 3.79 लाख एकड़ हो गया। इसके तहत खासकर सोयाबीन का रकबा 3.59 लाख एकड़ से बढ़कर 3.79 लाख एकड़ पर पहुंचा जबकि मूंगफली का कुछ घट गया।
नकदी या औद्योगिक फसलों के संवर्ग में तेलंगाना में गन्ना का उत्पादन क्षेत्र 29 हजार एकड़ से बढ़कर 38 हजार एकड़ तथा कपास का बिजाई क्षेत्र 44.64 लाख एकड़ से उछलकर 47.72 लाख एकड़ पर पहुंच गया। तेलंगाना धान और कपास के अग्रणी उत्पादक राज्यों में शामिल है।
