एथनॉल उत्पादन में गन्ना का उपयोग सीमित रखने पर विचार

13-Aug-2026 08:38 PM

नई दिल्ली। महाराष्ट्र एवं कर्नाटक जैसे अग्रणी उत्पादक राज्यों में बारिश कम होने से गन्ना की फसल के प्रति चिंता बढ़ गई है। राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना का रकबा भी गत वर्ष से पीछे हो गया है।

चीनी का घरेलू बाजार भाव तेजी से बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ने लगा है जबकि उद्योग के पास इसका सीमित स्टॉक बचा हुआ है। इसे देखते हुए केन्द्र  सरकार एथनॉल के निर्माण में गन्ना अवयवों और खासकर गन्ना जूस एवं बी- हैवी शीरा का उपयोग सीमित रखने पर विचार कर सकती है ताकि चीनी के उत्पादन में अधिक से अधिक बढ़ोत्तरी संभव हो सके।

सूत्रों के अनुसार यदि इस आशय का निर्णय लिया जाता है तो इसकी घोषणा अक्टूबर 2026 में नया मार्केटिंग (क्रशिंग) सीजन शुरू होने से पूर्व हो सकती है। ऐसी स्थिति में एथनॉल के निर्माण में मक्का एवं चावल तथा अन्य क्षतिग्रस्त अनाज का इस्तेमाल बढ़ने कि आवश्यकता पड़ेगी।

चीनी की कीमतों में हाल के महीनों में जबरदस्त तेजी देखी गई और बाजार अब भी काफी ऊंचा चल रहा है। इससे सरकार की चिंता एवं आम उपभोक्ताओं की कठिनाई काफी बढ़ गई है। आगे त्यौहारी सीजन में चीनी की मांग एवं खपत बढ़ने की संभावना है जिससे कीमतों में तेजी का रुख बरकरार रह सकता है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सरकार एथनॉल के बजाए चीनी के उत्पादन संवर्धन को प्राथमिकता देना पसंद करेगी।