मंडियों में धनिया की आवक घटी : व्यापार कम
13-Aug-2026 07:42 PM
नई दिल्ली। जानकार सूत्रों का कहना है कि कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण मंडियों में किसानी माल की आवक काफी कम रह गई है। लेकिन निर्यात एवं लोकल व्यापार ऊंचे भावों पर कम होने के कारण कीमतों में तेजी नहीं बन पा रही है और विगत एक सप्ताह से भाव पूर्व स्तर पर ही बोले जा रहे है।
उल्लेखनीय है कि विगत तीन वर्षों से देश में धनिया का उत्पादन घटने के कारण चालू सीजन के दौरान धनिया की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई और मंडियों में ईगल क्वालिटी का भाव 155/156 रुपए एवं बादामी का भाव 148/150 रुपए का स्तर छू गया। जोकि अब तक के इतिहास का सर्वोच्च स्तर है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू सीजन के दौरान देश में धनिया का उत्पादन 95/97 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 40 किलो) का माना गया है। जबकि 2025 में उत्पादन 1.10 करोड़ बोरी एवं 2024 में 1.20 करोड़ बोरी का माना गया था। वर्ष 2023 में रिकॉर्ड उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का रहा था।
आयात
चालू सीजन के दौरान कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आने के कारण आयातकों ने धनिया का आयात शुरू कर दिया है गत माह रूस से धनिया का आयात किया जा रहा था लेकिन चालू माह के दौरान बुल्गारिया में भी आयात किया गया है। आयातित माल का मुम्बई भाव 134/135 रुपए बोला जा रहा है। आयातित माल की क्वालिटी हल्की बताई जा रही है।
आवक
वर्तमान में प्रमुख मंडी गोंडल में धनिया की आवक 1200/1300 बोरी की रह गई है जबकि राजकोट में आवक 200/300 बोरी की हो रही है। राजस्थान की रामगंज में आवक 1000/1500 बोरी एवं गुणा 200/300 बोरी की रह गई है। मध्य प्रदेश की गुणा मंडी में आवक 500/700 बोरी एवं कुम्भराज 400/500 बोरी की रह गई है।
बिजाई बढ़ेगी
जानकार सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में धनिया के भाव गत वर्ष की तुलना में दो गुणा अधिक चल रहे हैं गत वर्ष इसी समयावधि में उत्पादक केन्द्रों पर ईगल क्वालिटी का भाव 70/75 रुपए प्रति किलो चल रहा था जोकि वर्तमान में 145/150 रुपए बोला जा रहा है। चालू सीजन के दौरान उत्पादक को उचित मूल्य मिलने के कारण संभावना व्यक्त की जा रही है। इस वर्ष उत्पादक केन्द्रों पर धनिया की बिजाई में अच्छी वृद्धि दर्ज की जाएगी।
मन्दा नहीं
कारोबारियों का कहना है कि धनिया की कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है क्योंकि चालू सीजन के दौरान खपत की तुलना में कुल उपलब्धता कमजोर बनी हुई है जिस कारण से आगामी दिनों में फिर भाव बढ़ने की संभावना है। उल्लेखनीय है हमारी सालाना खपत एवं निर्यात को मिलाकर लगभग 1.40/1.50 करोड़ बोरी धनिया की आवश्यकता होती है लेकिन चालू सीजन के दौरान 95/97 लाख की पैदावार एवं 20/25 लाख का बकाया स्टॉक को मिलाकर 1.20/1.25 करोड़ बोरी की उपलब्धता रहेगी।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया का निर्यात 60211 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 679.70 करोड़ की रही। जबकि वर्ष 2024-25 के दौरान धनिया का निर्यात 60323 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 633 करोड़ की रही थी। वित्त वर्ष 2026-27 के प्रथम दो माह अप्रैल-मई के दौरान धनिया निर्यात में 26 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई लेकिन भाव ऊंचे होने के कारण आय में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-मई- 2026 के दौरान धनिया का निर्यात 10236 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 147.42 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-मई-2026 के दौरान निर्यात 13858 टन का रहा था और प्राप्त आय 137.18 करोड़ की रही थी।
