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21-Sep-2026 01:43 PM
जयपुर। देश में मूंग के सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में यद्यपि खरीफ कालीन फसल के नए माल की आवक शुरू हो चुकी है लेकिन सरकार ने अभी तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर इसकी खरीद के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है इसलिए किसानों को एमएसपी से नीचे दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है। राज्य में इस बार फसल की हालत अच्छी है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार राजस्थान में इस वर्ष 1-20 सितम्बर के दौरान करीब 63 हजार टन मूंग के नए माल की भारी आवक हुई जो गत वर्ष की समान अवधि की आपूर्ति से लगभग 10 गुणा ज्यादा है। लेकिन इसका औसत थोक मंडी भाव 7452 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो केन्द्र द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 8780 रुपए प्रति क्विंटल से 15 प्रतिशत कम है।
ध्यान देने की बात है कि इस बार मूंग के एमएसपी में नगण्य बढ़ोतरी की गई है और मंडी भाव भी काफी नीचे है जिससे किसानों को अपने उत्पाद पर लाभप्रद वापसी हासिल नहीं हो रही है। राजस्थान में रबी सीजन के दौरान सरसों की खेती पर ज्यादा जोर दिया जा सकता है। कुछ किसान अगले खरीफ सीजन में मूंग का रकबा घटाने पर विचार कर सकते हैं।
एगमार्कनेट पोर्टल के आंकड़ों से पता चलता है कि राजस्थान में चालू माह के आरंभ में मूंग का औसत थोक मंडी भाव 7000 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा था जो 17 सितम्बर को बढ़कर 7960 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। समीक्षकों के अनुसार मंडियों में हो रही भारी आवक को देखते हुए मूंग का वर्तमान मूल्य सामान्य प्रतीत होता है। 1-18 सितम्बर के दौरान राजस्थान की मंडियों में वर्ष 2025 में 6451 टन तथा 2024 में 7574 टन मूंग की आपूर्ति हुई थी जो 2026 में उछलकर 63,000 टन पर पहुंच गई।