सूरजमुखी तेल के शिपमेंट में बाधा पड़ने से सोया तेल का आयात बढ़ा
02-Sep-2026 07:28 PM
नई दिल्ली। उम्मीद के अनुरूप अगस्त 2026 में खाद्य तेलों का अत्यन्त विशाल आयात हुआ जिसमे पाम तेल एवं सोयाबीन तेल की भागीदारी करीब 90 प्रतिशत रही। सुरजमुखी तेल की हिस्सेदारी काफी घट गई। त्यौहारी सीजन की मजबूत मांग को देखते हुए भारतीय रिफाइनर्स द्वारा खाद्य तेलों का आयात बढ़ाया जा रहा है। राजकोट (गुजरात) के एक अग्रणी विश्लेषक का कहना है कि अगस्त-सितम्बर में अक्सर खाद्य तेलों का आयात काफी बढ़ जाता है।
उल्लेखनीय है कि भारत में अगस्त से नवम्बर के दौरान पर्व-त्यौहारों की एक लम्बी श्रृंखला मौजूद रहती है और इस अवधि के दौरान खाद्य तेलों की घरेलू मांग एवं खपत काफी बढ़ जाती है। इन त्यौहारों में रक्षा बंधन, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा, दीपावली एवं छठ आदि शामिल हैं। रिफाइनर्स पहले से ही इस अवधि के लिए खाद्य तेलों का स्टॉक बढ़ाना शुरू कर देते हैं। इस बार भी ऐसा ही देखा जा रहा है।
आमतौर पर पाम तेल, सोया तेल एवं सूरजमुखी तेल के आयात में संतुलन की स्थिति रहती है लेकिन अगर किसी तेल के शिपमेंट में बाधा उत्पन्न होती है तो दूसरे तेल का आयात बढ़ जाता है। इस बार अगस्त में सूरजमुखी तेल का आयात काफी घट गया लेकिन इसके दो शीर्ष आपूर्तिकर्ता देशों- रूस तथा यूक्रेन के बीच भयंकर युद्ध जारी रहने से काला सागर क्षेत्र के बंदरगाहों से होने वाला शिपमेंट बुरी तरह अव्यवस्थित हो गया। रूस तथा यूक्रेन एक-दूसरे के बंदरगाहों पर भीषण हमले कर रहे हैं। वैसे अर्जेन्टीना एवं कुछ अन्य देशों से सूरजमुखी तेल का आयात जारी है।
इंडोनेशिया मलेशिया एवं थाईलैंड से पाम तेल तथा अर्जेन्टीना एवं ब्राजील से सोयाबीन तेल का निर्बाध आयात हो रहा है। समीक्षकों के अनुसार सितम्बर में भी इन तीनों खाद्य तेलों का भारी-भरकम आयात होने की संभावना है। घरेलू प्रभाग में पाम तेल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, सरसों तेल एवं मूंगफली तेल का भाव ऊंचे स्तर पर मौजूद है इसलिए विदेशों से सस्ते खाद्य तेलों के आयात को प्रोत्साहन मिल रहा है।
