साप्ताहिक समीक्षा- धनिया
23-May-2026 08:04 PM
ऊंचे भावों पर धनिया में व्यापार कम : मगर अधिक मन्दा नहीं
नई दिल्ली। वर्तमान में धनिया में कारोबार कम रह जाने के कारण कीमतों में नरमी बनी हुई है। लेकिन मंडियों में आवक घटने के कारण वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे के आसार नहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि मिडिल ईस्ट देशों में युद्ध के चलते निर्यात प्रभावित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान देश में पैदावार कम होने एवं बकाया स्टॉक भी कम रह जाने के कारण गत दिनों धनिया कीमतों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई थी मगर ऊंचे भावों पर मांग प्रभावित होने के कारण हाल ही में भाव कुछ दबे हुए है।
जानकारों का कहना है कि विगत 3 वर्षों से देश में धनिया की पैदावार में कमी आ रही है। क्योंकि उत्पादों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण किसान धनिया के स्थान पर अन्य जिंसों की बिजाई को प्राथमिकता दे रहा है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2023 में देश में धनिया का रिकॉर्ड उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का रहा था जोकि वर्ष 2024 में घटकर 1.20 करोड़ बोरी एवं वर्ष 2025 में 1.10 करोड़ बोरी का रह गया। चालू वर्ष 2026 में पैदावार बढ़ी 95/97 लाख बोरी पर सिमट जाने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू सीजन के दौरान मध्य प्रदेश में धनिया का उत्पादन लगभग 43/44 लाख बोरी माना गया है। जबकि गुजरात में उत्पादन 40 लाख बोरी के आसपास होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। राजस्थान में उत्पादन 12/13 लाख बोरी माना जा रहा है।
भाव
लोकल एवं निर्यात मांग कम होने के कारण वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया ईगल का भाव घटकर 125/130 रुपए एवं बादामी का भाव 115/120 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में निर्यात मांग बढ़ने के साथ ही कीमतों में तेजी संभव है। उल्लेखनीय है कि गत दिनों उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया ईगल का भाव 132/133 रुपए एवं बादामी 122/125 का रिकॉर्ड स्तर छू गया था।
आवक
उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण वर्तमान में मंडियों में आवक घटनी शुरू हो गई है। गुजरात की प्रमुख मंडी गोंडल में आवक घटकर 4000/5000 हजार बोरी की रह गई है जबकि राजस्थान की रामगंज मंडी में 250/300 बोरी की आवक रह गई है। कोटा मंडी में आवक 1000/1200 बोरी की रह गई है। मध्य प्रदेश की गुना मंडी में आवक 7/8 हजार बोरी एवं कुम्भराज 3/4 हजार बोरी की रह गई है। सूत्रों का कहना है कि गुजरात में कुल उत्पादन का 70/75 प्रतिशत माल मंडियों में आ चुका है। जबकि राजस्थान में 75/80 प्रतिशत माल आ चुका है। मध्य प्रदेश की मंडियों में 60/70 प्रतिशत माल मंडियों में आने के समाचार है।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह अप्रैल-जनवरी- 2026 के दौरान धनिया का निर्यात 52006 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 570.29 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जनवरी- 2025 में धनिया का निर्यात 49396 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 520.21 करोड़ की रही। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023-24 के दौरान धनिया का रिकॉर्ड निर्यात 108624 टन का रहा था जोकि वर्ष 2024-25 में घटकर 60330 टन का रह गया।
