साप्ताहिक समीक्षा- धान-चावल

27-Jun-2026 08:26 PM

चावल के बेहतर निर्यात की उम्मीद से धान का भाव मजबूत 

नई दिल्ली। अमरीका-ईरान के बीच शांति समझौता होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारत से खासकर बासमती चावल के निर्यात की उम्मीद बढ़ गई है। इसके फलस्वरूप घरेलू मंडियों में मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं निर्यातकों द्वारा बासमती धान की खरीद में 20-26 जून वाले सप्ताह के दौरान अच्छी दिलचस्पी दिखाई गई जिससे इसकी कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बन गया।
आवक 
वैसे भी धान की आपूर्ति का अभी ऑफ सीजन चल रहा है और गिनी चुनी मंडियों में ही बासमती तथा 'ए' ग्रेड धान की आवक हो रही है। इसमें नरेला, भाटापाड़ा, राजिम, जहांगीराबाद, शाहजहांपुर, कोटा तथा बूंदी जैसी मंडियां शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के गोंदिया तथा उत्तर प्रदेश के खैर एवं डिबई में भी धान आ रहा है। अधिकांश मंडियों में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान धान की कीमतों में स्थिरता या तेजी देखी गई। जहांगीराबाद में 6000-8000 बोरी धान की रोजाना आवक हुई और वहां बेहतर कारोबार के कारण 1509 धान का भाव 220 रुपए बढ़कर 3900/4170 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। 
भाव 
इसी तरह डिबई में भी 1509 धान का भाव 150 रुपए की वृद्धि के साथ 3900/4100 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। बूंदी मंडी में अच्छी लिवाली से धान के दाम में 100-150 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी रही मगर कोटा में 1509 का भाव 100 रुपए घटकर 4000/4200 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। कुछ राज्यों में धान की खेती आरंभ हो गई है। 
चावल 
जहां तक चावल का सवाल है तो अमृतसर, राजिम, नगर, बूंदी तथा नया बाजार (दिल्ली) सहित कुछ अन्य मार्केट में विभिन्न किस्मों एवं श्रेणियों के दाम में अच्छी तेजी दर्ज की गई। दिसावरी व्यापारियों के साथ-साथ निर्यातकों ने भी चावल खरीदने में काफी सक्रियता दिखाई। वैसे ईरान-अमरीका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है जिससे होर्मुज स्ट्रेट के जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही में अनिश्चितता बढ़ गई है। इससे बासमती चावल के निर्यातकों की चिंता बढ़ सकती है।