सरसों में भारी तेजी का दौर जारी- तेल की मांग मजबूत
नई दिल्ली। क्रशिंग- प्रोसेसिंग इकाइयों की जोरदार मांग एवं मंडियों में हो रही सीमित आपूर्ति के कारण सरसों की कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ है। सरसों का भाव नए रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रहा है। त्यौहारी सीजन जारी रहने से सरसों तेल की मांग मजबूत बनी हुई है।
42% कंडीशन सरसों
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम 3-9 अक्टूबर वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में 150 रुपए बढ़कर 8700 प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 200 रुपए उछलकर 8900 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। थोक मंडी भाव रिकॉर्ड स्तर के आसपास होने से इस वर्ष सरसों का रकबा बढ़ाने के लिए किसानों को अच्छा प्रोत्साहन मिल रहा है।
सरसों
सामान्य औसत क्वालिटी की सरसों का दाम भी अधिकांश प्रमुख मंडियों में 150-200 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा। हरियाणा की आदमपुर मंडी में यह 740 रुपए की जबरदस्त वृद्धि के साथ 8765 रुपए तथा धनेरा मंडी में 450 रुपए उछलकर 7800/8350 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। हरियाणा की अन्य मंडियों में 100 से 300 रुपए की तेजी रही। मध्य प्रदेश के मुरैना, पोरसा एवं ग्वालियर में भाव 200 रुपए ऊंचा रहा। राजस्थान के भरतपुर में सरसों का दाम 250 रुपए बढ़कर 8500 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। राज्य की अन्य मंडियों में भी सरसों की कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश में सरसों का भाव हापुड़ मंडी में 250 रुपए बढ़कर 9100 रुपए प्रति क्विंटल तथा आगरा मंडी में 275 रुपए बढ़कर 9400/9800 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा।
सरसों तेल / कच्ची घानी
लगभग तमाम मंडियों में सरसों का मूल्य 8000 रुपए प्रति क्विंटल से ऊंचा चल रहा है। इसके फसलवरूप सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी का दाम भी बेतहाशा बढ़ रहा है। 3-9 अक्टूबर वाले सप्ताह के दौरान सरसों तेल एक्सपेलर का भाव दिल्ली में 45 रुपए बढ़कर 1740 रुपए प्रति 10 किलो तथा मुम्बई में 65 रुपए उछलकर 1785 रुपए प्रति 10 किलो हो गया। कोटा में सरसों तेल 40 रुपए तेज रहा। सभी केन्द्रों में यह 170 रुपए प्रति किलो से ऊपर चल रहा है।
आवक
सरसों की दैनिक आवक 1.50-2.00 लाख बोरी (50 किलो की प्रत्येक बोरी) के बीच हुई। इसकी आपूर्ति का ऑफ सीजन चल रहा है जबकि शीघ्र ही इसकी बिजाई जोर पकड़ने की संभावना है। इस बार रकबा बढ़ सकता है।