सोपा द्वारा सरकार से खाद्य तेलों के लिए मानक पैकेजिंग लागू करने का आग्रह
29-Apr-2026 04:09 PM
इंदौर। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने केन्द्र से खाद्य तेलों के लिए मानक पैक साइज को दोबारा प्रचलित करने का आग्रह किया है क्योंकि इसके अभाव में उपभोक्ताओं को दुविधा एवं कठिनाई बढ़ रही है। सोयाबीन प्रोसेसिंग उद्योग के शीर्ष राष्ट्रीय संगठन- सोपा ने केन्द्रीय उपभोक्ता मामले विभाग को पत्र भेजकर कहा है कि खाद्य तेलों के लिए मानकीकृत पैकिंग मात्रा का निर्धारित करने की तत्काल सख्त जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र की पांच अग्रणी संस्थाओं द्वारा उपभोक्ता मामले विभाग को पहले एक संयुक्त ज्ञापन दिया गया था और उसमें बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया था। अब सोपा ने अलग से विभाग को पत्र भेजकर इसकी तरफ ध्यान खींचने का प्रयास किया है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने जनवरी 2023 में स्टैण्डर्ड पैकेजिंग साइज के नियम को स्थगित कर दिया था और पैकर्स को किसी भी पैक साइज का उपयोग करने की छूट दे दी थी। उससे पूर्व भारत में खाद्य तेलों की पैकेजिंग मानकीकृत कुल मात्रा के नियम से संचालित हो रही थी। इसमें मैन्युफैक्चर्स को नियत पैक साइज में ही खाद्य तेलों की पैकिंग एवं बिक्री करना आवश्यक होता था।
यह पैक साइज 250 मि०ली० / ग्राम, 500 मि०ली० / ग्राम, 1 किलो / लीटर तथा 5 किलो / लीटर की होती थी। इसी तरह एक निश्चित अनुपात में इसका आकार बड़ा हो सकता था जिसमें 15 किलो या लीटर की पैक साइज भी शामिल थी। लेकिन 1 जनवरी 2023 से यह नियम बंद हो गया।
मानक मात्रा का नियंत्रण हटने के बाद पैकर्स ने मनमाने ढंग से खाद्य तेलों की विभिन्न मात्रा की पैकेजिंग शुरू कर दी और इसके आधार पर कीमतों का निर्धारण भी आरंभ कर दिया। इससे उपभोक्ताओं की दुविधा एवं कठिनाई तथा खाद्य तेल निर्माताओं की चिंता बढ़ गई। उद्योग चाहता है कि खाद्य तेलों की पैकिंग के लिए पुराना मानक फिर से बहाल किया जाए।
