ईरान से पिस्ता एवं छुहारे का आयात हो रहा है प्रभावित
29-Apr-2026 05:22 PM
मुम्बई। ईरान से पिस्ता एवं छुहारे के निर्यात में कठिनाई लगातार बढ़ती जा रही है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से समंदर के रास्ते इसका शिपमेंट बाधित हो रहा है जबकि अफगानिस्तान- ईरान के बीच का कॉरिडोर भी कारोबार के लिए सुरक्षित नहीं है।
समझा जाता है कि ईरान से स्मगलिंग के जरिए थोड़ी-बहुत मात्रा में इन दोनों सूखे मेवों को बाहर भेजने का प्रयास हो रहा है लेकिन होर्मुज स्ट्रेट के चारों ओर अमरीकी जहाजों की नाकाबंदी होने से यह रास्ता काफी जोखिम पूर्ण हो गया है। इतना ही नहीं बल्कि ईरान सरकार के निर्यात नियंत्रण की नीति से भी भारत एवं यूरोपीय संघ के बाजारों में इन सूखे मेवों का अभाव महसूस होने लगा है।
एक अग्रणी कारोबारी फर्म के अनुसार सूखे मेवों का वैश्विक कारोबार नियमित रूप से बढ़ता जा रहा है और चालू वर्ष में यह बढ़कर 11.06 अरब डॉलर पर पहुंच जाने की उम्मीद है। हालांकि अच्छी क्वालिटी के स्वास्थ्यवर्धक मेवों की मांग मजबूत बनी हुई है लेकिन इसकी आपूर्ति शृंखला में गतिरोध उत्पन्न हो गया है।
इससे कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बरकरार रह सकता है। अफगानिस्तान के सूखे मेवे भी अक्सर ईरान के रास्ते ही भारत पहुंचते रहे हैं इसलिए उस पर भी असर पड़ रहा है। जहां तक काजू का सवाल है तो इसका घरेलू बाजार भाव लगभग स्थिर बना हुआ है। इसकी नई फसल की कटाई-तैयारी भी जारी है। अगले महीने तक यह बरकरार रहेगी। आगामी महीनों में इसका भाव कुछ बढ़ सकता है।
