सौंफ की कीमतों में तेजी : उत्पादन कम
30-Jun-2026 07:16 PM
नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान देश में सौंफ की पैदावार में कमी आने के कारण इस वर्ष मंडियों में सौंफ की आवक आशानुरूप नहीं बढ़ी। कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण वर्तमान में आवक घटनी शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि सौंफ के प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात, राजस्थान के अलावा अन्य क्षेत्रों में सौंफ की बिजाई 85/86 हजार हेक्टेयर पर की गई थी जबकि गत वर्ष बिजाई का क्षेत्रफल 92/93 हजार हेक्टेयर का रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में इस वर्ष सौंफ की बिजाई 38 हजार हेक्टेयर पर की गई जबकि गत वर्ष बिजाई का क्षेत्रफल 45 हजार हेक्टेयर का रहा था। राजस्थान में बिजाई गत वर्ष के 38 हजार हेक्टेयर के समान रही। जबकि मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की बिजाई गत वर्ष के 8.50 हजार हेक्टेयर के मुकाबले 9 हजार हेक्टेयर पर की गई। राजस्थान को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में फसल की स्थिति अच्छी रही। लेकिन मार्च माह में हुई बेमौसमी बारिश से राजस्थान में फसल को 10/15 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था।
व्यापारियों का कहना है कि बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने एवं बिजाई के पश्चात मौसम प्रतिकूल होने के कारण इस वर्ष सौंफ उत्पादन में गिरावट आने के समाचार हैं। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष देश में सौंफ का उत्पादन लगभग 19 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) का माना गया था जोकि चालू सीजन में घटकर 18 लाख बोरी तक सिमट जाने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
आवक
उत्पादक केन्द्रों की मंडियों में सौंफ की दैनिक आवक घटनी शुरू हो गई है। प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात की ऊंझा मंडी में आवक घटकर 3/4 हजार बोरी की रह गई है जबकि राजस्थान की मेडता, नागौर मंडी में आवक 1500/2000 बोरी की रह गई है। सूत्रों का कहना है कि गुजरात में कुल उत्पादन का 65/70 प्रतिशत माल मंडियों में आ चुका है। जबकि राजस्थान का 50/60 प्रतिशत माल आ चुका है।
उत्पादन
चालू वित्त वर्ष के दौरान गुजरात में सौंफ का उत्पादन 8 लाख बोरी होने के अनुमान है जबकि राजस्थान 8/8.50 लाख बोरी उत्पादन माना जा रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में लगभग 2 लाख बोरी उत्पादन होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
भाव मजबूत
वर्तमान में सौंफ के भाव मजबूती के साथ बोले जा रहे हैं। एक ओर जहां मंडियों में आवक कम रह गई है वहीं दूसरी तरफ निर्यातकों की लिवाली में भी सुधार दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि मई माह के दौरान सौंफ का निर्यात व्यापार 95/96 रुपए पर हो रहा था जोकि वर्तमान में 99/100 रुपए पर हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में भी सौंफ के भाव तेज रहने की संभावना है। क्योंकि स्टॉक कम रह जाने के अलावा मंडियों में आवक भी कम रह गई है।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान सौंफ का निर्यात 33038 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 421.22 करोड़ की रही। जबकि वर्ष 2024-25 के दौरान सौंफ का कुल निर्यात 76586 टन का हुआ था। और निर्यात से प्राप्त आय 765.44 करोड़ की रही थी। अप्रैल- 2026 के दौरान भी सौंफ का निर्यात गत वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत कम रहा। लेकिन निर्यात भाव अच्छे मिलने के कारण आय में 2 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल- 2026 में सौंफ का निर्यात 2251.35 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 34.36 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल- 2025 में सौंफ का निर्यात 2623.40 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 33.91 करोड़ की रही थी।
