गन्ना का रकबा बढ़ने के बावजूद उत्पादन कम होने की संभावना
30-Jun-2026 06:24 PM
नई दिल्ली। उचित एवं लाभप्रद मूल्य (एफआरपी) में एक बार फिर बढ़ोत्तरी होने से भारतीय किसानों को गन्ना का रकबा बढ़ाने का प्रोत्साहन मिला जिससे इस महत्वपूर्ण औद्योगिक फसल का क्षेत्रफल पिछले साल के 56.64 लाख हेक्टेयर से 67 हजार हेक्टेयर बढ़कर इस बार 57.31 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है।
महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ना का रकबा बढ़ा है मगर उत्तर प्रदेश में क्षेत्रफल कुछ पीछे चल रहा है। अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में क्षेत्रफल लगभग स्थिर रहा है या उसमें मामूली घट-बढ़ हुई है। इसमें बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु एवं तेलंगाना जैसे राज्य शामिल हैं।
मौसम एवं वर्षा की हालत फिलहाल गन्ना की फसल के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं है और जुलाई-अगस्त में भी हालत सामान्य रहने में संदेह है। इससे न केवल गन्ना की औसत उपज दर एवं पैदावार प्रभावित होने की संभावना है बल्कि गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में भी कमी आ सकती है। चीनी का स्टॉक कम रह सकता है।
