पश्चिम एशिया के संकट से ऑस्ट्रेलियाई दलहनों का निर्यात प्रभावित
18-Mar-2026 04:09 PM
ब्रिसबेन। पश्चिम एशिया, उत्तरी अफ्रीका मध्य-पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के अनेक देशों में ऑस्ट्रेलिया से अच्छी मात्रा में दलहनों और खासकर मसूर, देसी चना तथा फाबा बीन्स का निर्यात होता है मगर ईरान- इजरायल युद्ध के कारण इसमें रूकावट पैदा हो सकती है।
इन देशों को जाने वाले जहाजों का किराया भाड़ा और बीमा व्यय बहुत बढ़ गया है। दिलचस्प तथ्य यह है कि इस विषम परिस्थिति के बावजूद ऑस्ट्रेलिया में दलहनों का भाव मजबूत बना हुआ है क्योंकि उत्पादक नीचे दाम पर अपना माल बेचने के लिए तैयार नहीं है।
ध्यान देने की बात है कि मार्च माह के दौरान अक्सर साउथ ऑस्ट्रेलिया तथा विक्टोरिया जैसे प्रांतों के किसान भारी मात्रा में फाबा बीन्स तथा मसूर की बिक्री करते हैं और इससे प्राप्त धनराशि से यूरिया सहित अन्य रासायनिक उर्वरक खरीदते हैं ताकि मई में आरंभ होने वाले शीतकालीन फसलों के बिजाई अभियान से पूर्व कृषि साधनों का पर्याप्त स्टॉक बनाया जा सके।
लेकिन अभी ऑस्ट्रेलिया में विदेशों से अच्छी मात्रा में यूरिया का आयात नहीं हो रहा है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट का मार्ग बंद होने से जहाजों का आवागमन ठप्प पड़ गया है इसलिए ऑस्ट्रेलिया के दलहन उत्पादक अपना स्टॉक बेचने में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
उर्वरक संकट के साथ-साथ पेट्रोलियम का दाम बढ़ने से भी किसानों को कठिनाई होने की आशंका है क्योंकि इससे शिपमेंट खर्च बढ़ने के साथ-साथ सड़क परिवहन खर्च भी बढ़ने की संभावना है जिससे उर्वरक का दाम बढ़ सकता है।
उपरोक्त दोनों राज्यों में फरवरी के अंत एवं मार्च के आरंभ में अच्छी वर्षा होने से खेतों की मिटटी में नमी का अंश बढ़ गया है जो किसानों के लिए राहत की बात है।
