पाम तेल का भाव ऊंचा होने से अन्य खाद्य तेलों के प्रति रुझान बढ़ा

25-May-2026 03:58 PM

मुम्बई। वैश्विक बाजार में पाम तेल का भाव ऊंचा एवं तेज होने से सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल एवं सरसों तेल के प्रति  खरीदारों का रुझान बढ़ गया है। इससे भारत की कुछ नामी-गिरामी तेल कंपनियों को विशेष फायदा होने की उम्मीद है।

सोयाबीन, सरसों एवं सूरजमुखी की कीमतों में उछाल आने से भारतीय किसानों को भी आकर्षक फायदा हो रहा है। स्वदेशी खाद्य तेलों की मांग एवं खपत में अच्छी बढ़ोत्तरी हो रही है। स्वयं भारत में पाम तेल का उत्पादन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। तिलहनों के क्रशर्स-प्रोसेसर्स एवं एग्री-इनपुट कंपनियों की सक्रियता बढ़ गई है।

इंडोनेशिया में 1 जुलाई 2026 से बी 50 प्रोग्राम लागू होने वाला है जबकि अल नीनो के प्रकोप से इंडोनेशिया, मलेशिया एवं थाईलैंड में ऑयल पाम का उत्पादन आगामी महीनों में प्रभावित हो सकता है।

इससे भविष्य में पाम तेल की वैश्विक आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल होने की आशंका है। इधर भारत में सोयाबीन एवं मूंगफली का भाव किसानों के लिए लाभप्रद बना हुआ है जिससे इसकी खेती में उसका उत्साह एवं आकर्षण बढ़ने की उम्मीद है।

मंडी भाव तो सरसों का भी बहुत ऊपर चल रहा है मगर इसकी बिजाई रबी सीजन में होती है। खाद्य तेलों का भाव ऊंचा होने से सरकार को नीतिगत हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। तेल का दाम बढ़ेगा तो तिलहन उत्पादकों को भी स्वाभाविक रूप से फायदा मिलेगा।