अगला उत्पादन कमजोर होने की आशंका से ऑस्ट्रेलिया में चना का भाव तेज
25-May-2026 04:54 PM
ब्रिसबेन। व्यापारियों / निर्यातकों की अच्छी लिवाली होने तथा आपूर्ति की स्थिति जटिल रहने से हाल के सप्ताहों के दौरान ऑस्ट्रेलिया में देसी चना का भाव कुछ तेज हुआ है।
दक्षिणी क्वींसलैंड एवं उत्तरी न्यू साउथ वेल्स प्रान्त में वर्षा तथा खेतों की मिटटी में नमी की कमी के कारण बड़े पैमाने पर चना की बिजाई संभव नहीं हो रही है। बिजाई में देर होने पर चना का रकबा घट सकता है जबकि आगामी महीनों में फसल को अल नीनो के प्रकोप से भी खतरा बना रहेगा।
दूसरी ओर साउथ ऑस्ट्रेलिया एवं विक्टोरिया प्रान्त में मौसम की हालत काफी हद तक अनुकूल होने से मसूर तथा फाबा बीन्स की बिजाई जोर शोर से हो रही है। लेकिन वहां चना की खेती सीमित क्षेत्रफल में होती है।
सरकारी एजेंसी अबारेस द्वारा जल्दी ही 2026-27 सीजन के लिए शीतकालीन दलहनों के बिजाई क्षेत्र के विवरण के साथ अपनी आरंभिक तिमाही रिपोर्ट जारी किए जाने की संभावना है। इससे पूर्व 21 मई को एक विश्लेषक फर्म द्वारा जारी रिपोर्ट में चना का घरेलू उत्पादन घटकर 13 लाख टन रह जाने का अनुमान लगाया गया है जो 2025-26 सीजन के शानदार उत्पादन 19 लाख टन से काफी कम है। दूसरी ओर 16 लाख टन मसूर एवं 9 लाख टन फाबा बीन्स के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है जो 2025-26 सीजन के लगभग बराबर ही है।
विश्लेषक फर्म ने समीक्षाधीन वर्ष के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चना का बिजाई क्षेत्र एक लाख हेक्टेयर घटकर 9 लाख हेक्टेयर पर सिमट जाने की संभावना व्यक्त की है जबकि मसूर का उत्पादन क्षेत्र 9 लाख हेक्टेयर तथा फाबा बीन्स का रकबा 4 लाख हेक्टेयर के गत वर्ष के स्तर पर ही स्थिर रहने का अनुमान लगाया है। चना का रकबा घटकर मौजूदा अनुमान से भी नीचे जा सकता है। इसका बाजार भाव तेज होने लगा है।
