पाकिस्तान में बासमती चावल के निर्यात पर ड्यूटी ड्रॉ बैक की अवधि बढ़ाने की संभावना
18-Jun-2026 12:39 PM
नई दिल्ली। पाकिस्तान सरकार द्वारा बासमती चावल के निर्यात पर शुल्क वापसी (ड्यूटी ड्रॉ बैक) के लाभ की समय सीमा आगे बढ़ाने का प्लान बनाया जा रहा है जिससे भारतीय निर्यातकों की चिंता बढ़ गई। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान क्षेत्र के वाणिज्य मंत्रालय ने 23 जनवरी 2026 को एक आदेश जारी करके चावल क्षेत्र से वसूले जाने वाले स्थानीय शुल्क तथा लेवी की वापसी का लाभ उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी। इसकी समय सीमा 30 जून 2026 तक के लिए निश्चित की गई थी। ऐसा प्रतीत होता है कि इस अवधि के समाप्त होने से पूर्व ही समय सीमा आगे बढ़ाने की घोषणा की जा सकती है।
इससे पाकिस्तानी निर्यातकों को अपने बासमती चावल के निर्यात ऑफर मूल्य को प्रतिस्पर्धी स्तर पर रखने में सहायता मिलेगी। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए चुनौती बढ़ सकती है और उसकी निर्यात आय में गिरावट आने की आशंका बढ़ जाएगी।
खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारतीय बसमती चावल का निर्यात प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद की जा रही है लेकिन यदि पाकिस्तान में ड्यूटी ड्रॉ बैक का कायदा बरकरार रखा गया तो भारत को कुछ कठिनाई हो सकती है। ध्यान देने की बात है कि ड्यूटी ड्रॉ बैक स्कीम के कारण पाकिस्तानी बासमती चावल के निर्यात में कुछ सुधार आ गया।
पाकिस्तान के निर्यातक अगर मूल्य घटाकर अपने बासमती चावल का निर्यात करेंगे तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भाव घटकर नीचे आ जाएगा जिससे भारतीय निर्यातकों को भी दाम घटाना पड़ सकता है। इसके फलस्वरूप निर्यात आय में स्वाभाविक रूप से कमी आ जाएगी।
पाकिस्तानी वाणिज्य मंत्रालय के आदेश में कहा गया था कि यदि निर्यातक 750 डॉलर प्रति टन या उससे ऊंचे मूल्य पर लम्बे दाने वाले खुशबूदार बासमती चावल का शिपमेंट करते हैं तो वे निर्यातित चावल के कुल फ्री ऑन बोर्ड मूल्य का 9 प्रतिशत दाम हासिल करने का दावा कर सकते हैं जबकि 750 डॉलर प्रति टन से नीचे मूल्य पर निर्यात होने वाले बासमती चावल के लिए ड्यूटी ड्रॉ बैक का स्तर 3 प्रतिशत नियत किया गया है।
