News Capsule/न्यूज कैप्सूल: मक्का और गन्ने का रकबा घटने से एथेनॉल के लिए चावल की मांग बढ़ सकती है

11-Aug-2026 01:06 PM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: मक्का और गन्ने का रकबा घटने से एथेनॉल के लिए चावल की मांग बढ़ सकती है
★ खरीफ सीजन में मक्का और गन्ने की बुवाई घटने के कारण भारत में एथेनॉल उत्पादन के लिए चावल का उपयोग बढ़ने की संभावना है। उद्योग सूत्रों के अनुसार, चालू सीजन में एथेनॉल फीडस्टॉक में चावल की हिस्सेदारी 15–20% तक बढ़ सकती है। फिलहाल एथेनॉल फीडस्टॉक में चावल की हिस्सेदारी करीब 26.79% और गन्ने की करीब 28% है। वहीं मक्का का रकबा लगभग 4% और गन्ने का रकबा 0.85% घटा है।
★ गन्ने की उपलब्धता पर महाराष्ट्र और कर्नाटक में कमजोर बारिश के कारण चिंता बढ़ी है। चीनी कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ऐसे में सरकार चीनी मिलों को गन्ने के रस और B-heavy molasses से एथेनॉल उत्पादन सीमित कर अनाज आधारित फीडस्टॉक की ओर बढ़ने के लिए कह सकती है।
चावल की उपलब्धता फिलहाल पर्याप्त है। 1 जून को सरकारी स्टॉक में धान सहित चावल का भंडार 6.843 करोड़ टन था, जो 1 जुलाई की 1.35 करोड़ टन की बफर आवश्यकता से काफी अधिक है।
★ एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 20% बनाए रखने के लिए सरकार ने अगले एथेनॉल सप्लाई वर्ष के लिए डिस्टिलरीज को सरकारी स्टॉक से 72 लाख टन चावल आवंटित किया है, जो 2025-26 के 52 लाख टन से अधिक है। इसके अलावा 55 लाख टन 100% टूटे चावल को ई-नीलामी के जरिए उपलब्ध कराया गया है।
★ हालांकि, यदि बारिश की कमी से अनाज उत्पादन और पैदावार प्रभावित होती है, तो एथेनॉल के लिए बढ़ती चावल मांग खाद्य कीमतों पर भी दबाव डाल सकती है।