News Capsule/न्यूज कैप्सूल: महाराष्ट्र में खरीफ बुवाई 66% घटी, सामान्य रकबे का केवल 1% कवर
18-Jun-2026 11:08 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: महाराष्ट्र में खरीफ बुवाई 66% घटी, सामान्य रकबे का केवल 1% कवर
★ महाराष्ट्र में मानसून की धीमी प्रगति और प्री-मानसून वर्षा की कमी के कारण खरीफ बुवाई गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। 16 जून तक राज्य में केवल 1.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जो पिछले वर्ष के 4.24 लाख हेक्टेयर की तुलना में 66% कम है। यह सामान्य खरीफ रकबे 1.57 करोड़ हेक्टेयर का मात्र 1% है।
★ 1 से 16 जून के दौरान राज्य में केवल 21.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 75% कम है। दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 जून के बाद पश्चिमी भारत में लगभग ठहर गया, जिसके कारण महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में पर्याप्त वर्षा नहीं हो सकी।
★ फसलवार आंकड़ों के अनुसार धान का रकबा घटकर 4,804 हेक्टेयर रह गया है, जो पिछले वर्ष 19,007 हेक्टेयर था। मक्का 10,216 हेक्टेयर (33,095 हेक्टेयर), बाजरा 588 हेक्टेयर (26,455 हेक्टेयर), तूर 2,953 हेक्टेयर (25,970 हेक्टेयर), मूंग 293 हेक्टेयर (25,469 हेक्टेयर) और उड़द 236 हेक्टेयर (46,392 हेक्टेयर) पर सिमट गई है।
★ दलहनों का कुल रकबा घटकर केवल 3,526 हेक्टेयर रह गया है, जो पिछले वर्ष 99,082 हेक्टेयर था। तिलहनों का कुल क्षेत्र भी 1.06 लाख हेक्टेयर से घटकर 8,362 हेक्टेयर रह गया है। सोयाबीन की बुवाई 1.02 लाख हेक्टेयर से घटकर केवल 7,988 हेक्टेयर और मूंगफली 3,912 हेक्टेयर से घटकर 339 हेक्टेयर रह गई है।
★ कपास का रकबा भी घटकर 1.12 लाख हेक्टेयर रह गया है, जो पिछले वर्ष 1.33 लाख हेक्टेयर था।
★ कमजोर मानसून का असर जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य के बांधों में जल भंडारण क्षमता का केवल 24% पानी उपलब्ध है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह लगभग 32% था। यदि आने वाले दिनों में मानसून में तेजी नहीं आती, तो खरीफ बुवाई और फसल उत्पादन दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।
