News Capsule/न्यूज कैप्सूल: चीनी आयात खुलने से बाजार में हलचल, उपलब्धता बढ़ने पर ही कीमतों में नरमी संभव
24-Aug-2026 05:42 PM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: चीनी आयात खुलने से बाजार में हलचल, उपलब्धता बढ़ने पर ही कीमतों में नरमी संभव
★ आमतौर पर इस समय चीनी का स्टॉक करीब 50 लाख टन के आसपास रहता है, लेकिन मौजूदा स्थिति में स्टॉक निचले स्तर पर पहुंच गया है। दूसरी ओर, त्योहारी मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है।
★ मौजूदा सीजन में गन्ने में बीमारी के कारण चीनी उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, अगले सीजन में अल नीनो के संभावित प्रभाव से चीनी उत्पादन में और कमी आने की आशंका बाजार की चिंता बढ़ा रही है।
★ पिछले एक महीने में चीनी की कीमतों में करीब 40% की तेजी देखने को मिली है। कीमतों में इस तेज उछाल ने बाजार में तेजी की धारणा को मजबूत किया है। ऐसे माहौल में सरकार की ओर से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
★ TRQ के तहत आयात खुलने के बाद ब्राजील भारतीय बाजार के लिए प्रमुख संभावित आपूर्तिकर्ता हो सकता है। ब्राजील से भारत तक चीनी पहुंचने में सामान्य तौर पर करीब 30-40 दिन लग सकते हैं। इसके बाद बंदरगाह से मिलों तक पहुंचने, कच्ची चीनी के प्रसंस्करण और रिफाइनिंग में अतिरिक्त समय लगेगा। मिलों से रिटेल स्तर तक पहुंचने में भी करीब 10 दिन लग सकते हैं।
★ इस तरह आयात की अनुमति से लेकर वास्तविक रूप से बाजार में अतिरिक्त चीनी उपलब्ध होने तक कुल समय करीब 55-65 दिन तक हो सकता है। इसलिए आयात का तत्काल असर कीमतों पर सीमित रह सकता है और वास्तविक राहत उपलब्धता बढ़ने के बाद ही दिखाई दे सकती है।
★ बाजार में मौजूदा तेजी के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल उपलब्धता का है। केवल आयात की घोषणा से कीमतों में स्थायी नरमी आना मुश्किल है। कीमतों को राहत तभी मिल सकती है जब बाजार में वास्तविक रूप से पर्याप्त चीनी उपलब्ध हो और घरेलू खपत की जरूरत पूरी हो सके।
★ चीनी कीमतों में तेजी के बीच सरकार की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। पहले चीनी स्टॉक की सीमा घटाई गई, मिलों से बिक्री के आंकड़े मांगे गए और निर्धारित अवधि के भीतर स्टॉक बेचने पर जोर दिया गया। अब TRQ के तहत 10 लाख टन आयात खोलने का फैसला किया गया है।
★ इन कदमों से संकेत मिलता है कि सरकार घरेलू बाजार में उपलब्धता और कीमतों पर कड़ी नजर रख रही है। आने वाले दिनों में स्टॉक की जांच, बिक्री पर निगरानी और बाजार में आपूर्ति बढ़ाने से जुड़े और सख्त कदम देखने को मिल सकते हैं।
★ कुल मिलाकर, सरकार की ओर से स्टॉक जांच, बिक्री की निगरानी, स्टॉक सीमा में बदलाव और अब आयात खोलने जैसे कदम बाजार में तेजी को नियंत्रित करने के प्रयास हैं। हालांकि, कीमतों में वास्तविक और टिकाऊ राहत के लिए बाजार में पर्याप्त चीनी की उपलब्धता जरूरी होगी। आयातित चीनी को भारत पहुंचने और बाजार में आने में 55-65 दिन लग सकते हैं, इसलिए आने वाले हफ्तों में घरेलू स्टॉक और खपत बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
