गुजरात में खरीफ फसल की बुवाई 3% घटकर 78.5 लाख हेक्टेयर

24-Aug-2026 07:12 PM

गुजरात में किसानों ने सोमवार तक 78.5 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई की है, जो पिछले साल की समान अवधि के 81.0 लाख हेक्टेयर से 3% से अधिक कम है। राज्य में खरीफ सीजन का सामान्य बुवाई क्षेत्र 85.3 लाख हेक्टेयर है, जिसमें से अब तक 92% से अधिक क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है।

राज्य कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अनाज, दलहन और तिलहन तीनों प्रमुख फसल समूहों के रकबे में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है।

अनाज का रकबा घटा

धान का रकबा पिछले साल के 8.92 लाख हेक्टेयर से घटकर 8.80 लाख हेक्टेयर रह गया। मक्का की बुवाई 2.76 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.71 लाख हेक्टेयर और बाजरा का रकबा 1.72 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.60 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके चलते कुल अनाज रकबा करीब 13.6 लाख हेक्टेयर से घटकर 13.3 लाख हेक्टेयर हो गया।

तूर में मामूली बढ़त, कुल दलहन रकबा घटा

तूर की बुवाई पिछले साल के 2.71 लाख हेक्टेयर के मुकाबले मामूली बढ़कर 2.71 लाख हेक्टेयर हुई है। उड़द का रकबा 77,416 हेक्टेयर से बढ़कर 89,531 हेक्टेयर हो गया। इसके विपरीत मूंग का रकबा 47,470 हेक्टेयर से घटकर 29,605 हेक्टेयर रह गया।

कुल दलहन रकबा 4.14 लाख हेक्टेयर से घटकर 4.01 लाख हेक्टेयर हो गया।

तिलहन क्षेत्र में बड़ी गिरावट

गुजरात में तिलहन का कुल रकबा पिछले साल के 30.5 लाख हेक्टेयर से घटकर 28.6 लाख हेक्टेयर रह गया। मूंगफली की बुवाई करीब 21.9 लाख हेक्टेयर से घटकर 20.6 लाख हेक्टेयर हो गई।

हालांकि, सोयाबीन का रकबा 2.77 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.03 लाख हेक्टेयर हो गया है।

कपास की बुवाई बढ़ी

कपास का रकबा पिछले साल की समान अवधि के 20.7 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.4 लाख हेक्टेयर हो गया। वहीं, सब्जियों का रकबा 2.49 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.40 लाख हेक्टेयर रहा।

कम बारिश के बाद जुलाई में बढ़ी बारिश की तीव्रता

1 जून से 24 अगस्त के बीच गुजरात में 515.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 546.7 मिलीमीटर है। यानी इस अवधि में बारिश सामान्य से कम रही।

मानसून के आगमन में देरी और राज्य में मानसून ट्रफ की कमजोर मौजूदगी के कारण सीजन के पहले महीने में गुजरात में बारिश की कमी रही। हालांकि, जुलाई के दूसरे हिस्से में बारिश की तीव्रता और फैलाव बढ़ा। कुछ जिलों में अत्यधिक भारी बारिश भी दर्ज की गई, जिससे अब तक की बारिश की कमी तेजी से कम हुई है।

कुल मिलाकर, गुजरात में खरीफ बुवाई सामान्य क्षेत्र के 92% से अधिक तक पहुंच चुकी है, लेकिन कुल रकबा पिछले साल की तुलना में कम है। तिलहन और अनाज क्षेत्र में गिरावट के बीच तूर, सोयाबीन और कपास के रकबे में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।