मार्च में ऑस्ट्रेलिया से मसूर एवं चना के निर्यात में भारी गिरावट
08-May-2026 08:24 PM
ब्रिसबेन। संघीय एजेंसी- ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) के आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी के मुकाबले मार्च 2026 में ऑस्ट्रेलिया से दलहनों का निर्यात प्रदर्शन कमजोर रहा और मसूर तथा चना के शिपमेंट में भारी गिरावट आ गई। इसका प्रमुख कारण भारत की मांग कमजोर रहना है।
ब्यूरो के अनुसार ऑस्ट्रेलिया से फरवरी में 1,74,107 टन मसूर का निर्यात हुआ था जो मार्च में घटकर 85,003 टन पर अटक गया। मार्च में ऑस्ट्रेलियाई मसूर के तीन शीर्ष खरीदारों में बांग्ला देश, श्रीलंका और नेपाल शामिल थे मगर भारत इसमें सम्मिलित नहीं था।
ऑस्ट्रेलिया से मार्च में बंगाल देश को 35,635 टन, श्रीलंका 25,223 टन तथा नेपाल को 8390 टन मसूर का निर्यात किया गया लेकिन मार्च में कमजोर प्रदर्शन के बावजूद वर्तमान मार्केटिंग सीजन की पहली छमाही में यानी अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से मसूर का कुल निर्यात बढ़कर 10,39,446 टन पर पहुंच गया जो 2024-25 के मार्केटिंग सीजन की समान अवधि के शिपमेंट से 45 प्रतिशत अधिक रहा।
जहां तक चना का सवाल है तो इसके निर्यात में मासिक एवं वार्षिक-दोनों ही आधार पर भारी गिरावट दर्ज की गई। एबीएस की रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया से फरवरी 2026 में 2,77,650 टन चना का शानदार निर्यात हुआ था जो मार्च में लुढ़ककर 27,120 टन पर अटक गया। मार्च में वहां से पाकिस्तान को सर्वाधिक 7488 टन चना का शिपमेंट किया गया जबकि भारत को 6979 टन एवं अन्य देशों को 3148 टन का निर्यात हुआ।
चालू मार्केटिंग सीजन में मार्च 2026 तक ऑस्ट्रेलिया से कुल 13,61,914 टन चना का निर्यात किया गया जो 2024-25 सीजन की इसी अवधि के शिपमेंट से 26 प्रतिशत कम रहा। समझा जाता है कि आगामी समय में ऊंचा दाम मिलने की उम्मीद से ऑस्ट्रेलिया के उत्पादक अपने चने के स्टॉक की बिक्री धीमी गति से कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया दुनिया में चना का सबसे प्रमुख तथा मसूर का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है।
