एथनॉल निर्माताओं के लिए 72 लाख टन सरकारी चावल का कोटा आवंटित
08-May-2026 08:21 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में विशाल स्टॉक मौजूद होने तथा नई खरीद भी जारी रहने से सरकार को चावल की निकासी की गति बढ़ाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। एथनॉल निर्माताओं (डिस्टीलर्स) के लिए पहले 52 लाख टन चावल का कोटा आवंटित किया गया था जबकि इसे 20 लाख टन बढ़ाकर 72 लाख टन भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के चावल का मूल्य 2320 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है जो 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। एथनॉल निर्माण के लिए टूटे एवं पुराने चावल के उपयोग को प्राथमिक दी जाएगी।
सरकार द्वारा घोषित नई संशोधित नीति के तहत डिस्टीलर्स को रियायती मूल्य वाले एफसीआई का चावल तभी उपलब्ध करवाया जाएगा जब उसके पास एथनॉल आपूर्ति के लिए तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) के साथ वैध अनुबंध होगा। डिस्टीलर्स चावल प्राप्त करने के लिए सीधे खाद्य निगम के क्षेत्रीय कार्यालय से सम्पर्क कर सकते है और अपनी जरुरत के मुताबिक एक या अनेक किस्मों में चावल का उठाव कर सकते हैं।
केवल अग्रिम भुगतान के आधार पर चावल की बिक्री होगी और इसमें उधार या बकाया की कोई गुंजाइस नहीं रहेगी। गोदाम से उठाव के बाद का सारा खर्च डिस्टीलर्स को उठाना होगा। भुगतान का सत्यापन होने के बाद 24 घटने के अंदर डिस्टीलर्स को रिलीज आर्डर जारी कर दिया जाएगा और उसके अगले 10 कार्य दिवसों में चावल का उठाव करना आवश्यक होगा।
