खाद्य तेलों का ऊंचा आयात सितम्बर में भी जारी रहने की संभावना

09-Sep-2026 04:12 PM

मुम्बई। जुलाई की तुलना में अगस्त माह के दौरान भारत में पाम तेल एवं सोयाबीन तेल के आयात में तो अच्छी बढ़ोत्तरी हुई मगर सूरजमुखी तेल का आयात काफी घट गया। चालू माह (सितम्बर) में भी आयात का समीकरण कुछ इसी तरह का रहने की संभावना है क्योंकि जब तक रूस एवं यूक्रेन के बीच जारी भयंकर युद्ध की तीव्रता कम नहीं होगी और काला सागर क्षेत्र से व्यापारिक जहाजों की निर्बाध एवं बेखौफ आवाजाही शुरू नहीं हो जाती तब तक सूरजमुखी तेल के आयात की गति तेज होना मुश्किल लगता है। 

उल्लेखनीय है कि भारत में सूरजमुखी तेल का सर्वाधिक आयात रूस तथा यूक्रेन से ही होता है। इसके बाद अर्जेन्टीना का नम्बर आता है। काला सागर क्षेत्र के देशों से सूरजमुखी तेल के आयात में जो गिरावट आएगी उसकी भरपाई के लिए भारतीय रिफाइनर्स पाम तेल एवं सोयाबीन तेल का आयात बढ़ाने का जोरदार प्रयास कर सकते हैं ताकि त्यौहारी सीजन में खाद्य तेलों की बढ़ने वाली मांग को पूरा करने में कोई कठिनाई न हो। घरेलू स्रोतों से भी सरसों तेल, सोयाबीन तेल एवं मूंगफली तेल की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने की पुरजोर कोशिश की जाएगी। 

पाम तेल का आयात मुख्यतः इंडोनेशिया, मलेशिया एवं थाईलैंड से तथा सोयाबीन तेल का आयात अर्जेंटीना एवं ब्राजील से किया जाता है। पाम तेल का भाव ऊंचा एवं मजबूत बना हुआ है। दक्षिण-पूर्व एशिया के इन तीनों देशों पर अल नीनो मौसम चक्र का गहरा असर पड़ने की आशंका है।

जिससे पाम तेल का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इंडोनेशिया में बायोडीजल के निर्माण में 50 प्रतिशत पाम तेल का उपयोग होने से इसके निर्यात योग्य स्टॉक में कमी आएगी जिससे वैश्विक बाजार में पाम तेल की आपूर्ति कुछ घट सकती है।

दूसरी ओर इस बार ब्राजील में सोयाबीन का रिकॉर्ड तथा अर्जेन्टीना में शानदार उत्पादन हुआ जो अब अफ्रीका में बेहतर उत्पादन होने के आसार है। इसके फलस्वरूप सोयाबीन तेल का दाम काफी हद तक प्रतिस्पर्धी स्तर पर रह सकता है जिससे भारत में इसका अच्छा आयात हो सकता है।