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29-Sep-2026 08:04 PM
सिडनी। विषुवतीय प्रशांत महासगार में समुद्री सतह का तापमान तेजी से बढ़ने के कारण अल नीनो मौसम चक्र काफी तीव्र एवं शक्तिशाली हो गया है और इसका प्रभाव लगभग शीर्ष स्तर के आसपास पहुंच गया है। नीनो 3.4 का सूचकांक तेजी से बढ़कर 27 सितम्बर को 2.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
यह अब तक का दूसरा सबसे ऊंचा स्तर है। विभिन्न मौसम मॉडल्स से संकेत मिलता है कि आगामी समय में वहां तापमान और भी बढ़ सकता है जिससे अल नीनो की ताकत काफी बढ़ जाएगी। अक्टूबर-नवम्बर में सूचकांक 3 डिग्री सेल्सियस तक या उससे ऊपर पहुंच सकता है।
अल नीनो की वजह से भारत के लिए खतरा अभी बरकरार है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन में बारिश कम तथा अनियमित हुई जबकि तब तक अल नीनो की ताकत ज्यादा नहीं बढ़ी थी। अब रबी सीजन आरम्भ होने वाला है। यदि अल नीनो का गहरा प्रभाव रहा तो फसलों की बिजाई एवं प्रगति पर गहरा प्रतिकूल असर पड़ सकता है।